तुरंत निपटा लें बैंकों से संबंधित जरूरी काम, इस तारीख से हो सकती है हड़ताल

नई दिल्ली: अगर आप अगले हफ्ते बैंक के कामकाज निपटाने के बारे में सोच रहे हैं तो अलर्ट हो जाइए। अपने सारे काम जल्द से जल्द निपटा लें क्योंकि 8 जनवरी को बैंकों की हड़ताल हो सकती है। अगर हड़ताल होती है तो बैंक में लेनदेन का काम प्रभावित हो सकता है। बैंकिंग सेक्टर केंद्रीय ट्रेड यूनियनों ने 8 जनवरी को हड़ताल का फैसला किया है।

अखिल भारतीय बैंक कर्मचारी संघ के एक नेता ने बताया कि इस हड़ताल का समर्थन 10 यूनियन कर रही हैं। अखिल भारतीय बैंक कर्मचारी संघ के महासचिव सीएच वेकंटचलम के अनुसार सरकार की नीतियों का विरोध करने के लिए हड़ताल की जा रही है। हड़ताल में रोजगार के नए अवसर पैदा करने, श्रम कानूनों में संशोधन पर रोक लगाने और नौकरी की सुरक्षा संबंधी मांगें रखी जाएंगी। बैठक के दौरान मंत्री ने संगठनों से कहा कि सरकार कर्मचारियों के हित में हर कदम उठा रही है और श्रम कानून इसी का हिस्सा हैं। इन संगठनों में एआईटीयूसी, एचएमएस, सीटू, एआईयूटीयूसी, सेवा, एआईसीसीटीयू, एलपीएफ और यूटीयूसी शामिल हैं।

उन्होंने कहा कि कर्मचारियों को गुलाम बनाने के लिए श्रम संहिता तैयार की गई है। उन्होंने कहा कि केद्रीय मंत्री ने बेरोजगारी, न्यूनतम वेतन, सामाजिक सुरक्षा और 14 सूत्रीय मांगों को पूरा करने के संबंध में कुछ भी नहीं कहा। इस क्रम में भारतीय रिजर्व बैंक समेत सभी सरकारी बैंकों में भी 8 जनवरी को हड़ताल रहेगी। रिजर्व बैंक के कर्मचारियों ने वर्षों से लंबित मांगों के पूरा न होने पर हड़ताल का समर्थन किया है। इस दिन बैंकिंग संबंधी सभी तरह के कामकाज ठप रहेंगे।

8 जनवरी को किया है भारत बंद का एलान

श्रम मंत्री के साथ मुलाकात के एक दिन बाद शुक्रवार को 10 केंद्रीय कर्मचारी संगठनों ने सरकार की ‘श्रम विरोधी नीतियों के विरोध’ में 8 जनवरी को आम हड़ताल या ‘भारत बंद’ का एलान किया है। 10 केंद्रीय कर्मचारी संगठनों ने संयुक्त बयान में कहा, ‘केंद्रीय श्रम मंत्री से मुलाकात के बाद उन्होंने एकजुट होकर 8 जनवरी को आम हड़ताल का फैसला लिया है।’

नोट: अगर आपको यह खबर पसंद आई तो इसे शेयर करना न भूलें, देश-विदेश से जुड़ी ताजा अपडेट पाने के लिए कृपया The Lucknow Tribune के  Facebook  पेज को Like व Twitter पर Follow करना न भूलें...
Loading...
-------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- ---------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- ---------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- ---------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- ----------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------
E-Paper