तुलसी का पौधा नहीं है किसी वरदान से कम, आइये जानें इसके फायदों के बारे में

लखनऊ: जैसा कि हम जानते हैं तुलसी का पौधा हमारे लिए औषधि का कार्य करता है, तुलसी की पत्तियों से अनेक रोगों का विनाश होता है आइए जानते हैं तुलसी की पत्तियों से किन किन लोगों से निजात पाई जा सकती है…

त्वचा-रोग में लाभकारी : गुणों से भरपूर तुलसी के रस में थाइमोल तत्व पाया जाता है जिससे त्वचा के रोगों में लाभ होता है तुलसी की पत्तियों का रस निकालकर बराबर मात्रा में नींबू के रस के साथ मिलाएं व रात को चेहरे पर लगाएं तो झाइयां नहीं रहती तथा चेहरे की रंगत में निखार आता है. और यही रस फुंसियों के लिए रामबाण इलाज है.

दाद-खुजली से निजात: दाद खुजली और त्वचा की अन्य समस्याओं में रोजाना तुलसी खाने तुलसी के अर्क को प्रभावित जगह पर लगाने से कुछ ही दिनों में रोग दूर हो जाता है.

ज्वर में लाभकारी : तुलसी की जड़ का काढ़ा बुखार नाशक होता है. तुलसी अदरक और मुलेठी को घोट कर शहद के साथ लेने से सर्दी के बुखार में आराम होता है.

मौसमी बुखार में लाभकारी: बारिश के मौसम में रोजाना तुलसी के पांच पत्ते खाने से मौसमी बुखार व जुकाम जैसी समस्याएं दूर रहते हैं.

मुंह के छालों में लाभकारी: तुलसी की पत्तियों को चबाने से मुंह के छालों से निजात मिलती है तथा दांत भी स्वस्थ रहते हैं.

दमा, टीवी में लाभकारी: तुलसी दमा टीवी में अत्यंत लाभकारी है. तुलसी सौंठ के साथ सेवन करने से आने वाला बुखार ठीक होता है.

कुष्ठ रोग हेतु: कुष्ठ रोग या कोढ में तुलसी की पत्तियां रामबाण सा असर करती हैं, खाएं तथा रस प्रभावित स्थान पर मले भी.

सिर-दर्द में लाभकारी: सिर दर्द में प्रातः काल तथा शाम को एक चौथाई चम्मच भर तुलसी के पत्तों का रस, एक चम्मच शुद्ध शहद के साथ नित्य लेने से 15 दिनों में रोग पूरी तरह ठीक हो जाता है.

आँखों के लिए लाभकारी: तुलसी का रस आंखों के दर्द, रात्रि अंधता जो सामान्यता विटामिन ‘ए’ की कमी से होता है, के लिए अत्यंत लाभदायक है. आंखों की जलन में तुलसी का अर्क बहुत कारगर साबित होता है रात को सोने से पहले रोजाना श्यामा तुलसी के अर्क को दो बूंद आंखों में डालना चाहिए.

किडनी की पथरी में लाभकारी: किडनी की पथरी में तुलसी की पत्तियों को उबालकर जूस (तुलसी का अर्क ) शहद के साथ नियमित छह माह सेवन करने से पथरी मूत्र मार्ग से बाहर निकल जाता है तथा तुलसी गुर्दे को मजबूत बनाती है.

ह्रदय रोग में लाभकारी: जाड़ों में तुलसी के 10 पत्ते, 5 कालीमिर्च पीसकर आधा गिलास पानी में एक चम्मच शहद के साथ लेने से सभी प्रकार के ह्रदय रोग ठीक हो जाते हैं.

उच्च रक्तचाप में लाभकारी: तुलसी की 4-5 पत्तियां नीम की दो पत्तियों के रस को दो चार चम्मच पानी में घोटकर 7 दिन प्रातः खाली पेट सेवन करें उच्च रक्तचाप ठीक हो जाता है.

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