तृणमूल विधायकों पर भाजपा की उमड़ी ‘ममता’

नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ दल तृणमूल कांग्रेस के निलंबित विधायक शुभ्रांशु रॉय समेत राज्य के तीन विधायकों ने मंगलवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सदस्यता ग्रहण कर ली। इसमें एक मार्क्सवादी पार्टी (माकपा) विधायक भी शामिल हैं। इसके साथ ही तृणमूल कांग्रेस के 50 से 60 पार्षद भी भाजपा में शामिल हो गए। इस अवसर पर भाजपा महासचिव और पश्चिम बंगाल के प्रभारी कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि यह आने वाले दिनों में पश्चिम बंगाल में कई और विधायक भाजपा की सदस्यता ग्रहण करेंगे।

भाजपा मुख्यालय में कैलाश विजयवर्गीय और पश्चिम बंगाल में भाजपा के वरिष्ठ नेता मुकुल रॉय की मौजूदगी में बीजपुर से तृणमूल कांग्रेस के विधायक शुभ्रांशु रॉय, विष्णुपुर से विधायक तुषार कांति भट्टाचार्य हेमटाबाद से माकपा विधायक देवेन्द्र रॉय ने भाजपा की सदस्यता ग्रहण की। इन तीनों विधायकों के साथ ही 50-60 की संख्या में विभिन्न नगरपालिकाओं के पार्षदों ने भाजपा की सदस्यता ग्रहण की। विजयवर्गीय ने सभी को पार्टी की सदस्यता ग्रहण कराई। इस अवसर पर विजयवर्गीय ने कहा कि जिस तरह पश्चिम बंगाल में सात चरणों में चुनाव हुए, वैसे ही भाजपा में भी सात चरणों में ज्वाइनिंग होगी, आज पहला चरण था। उन्होंने कहा कि आज की तारीख में तीन नगरपालिकाओं पर भाजपा का कब्जा है।

तृणमूल कांग्रेस से निलंबित विधायक शुभ्रांशु रॉय भाजपा नेता मुकुल रॉय के बेटे हैं और वह दो बार बीजपुर से विधायक चुने गए हैं। शुभ्रांशु को अपने पिता मुकुल राय की तारीफ करने पर पार्टी से निकाला गया। उन्हें पार्टी विरोधी बयान देने के लिए छह साल के लिए तृणमूल कांग्रेस से बाहर का रास्ता दिखाया गया है। तृणमूल का आरोप है कि शुभ्रांशु लगातार पार्टी विरोधी बयान दे रहे थे, जिसकी वजह से उन्हें छह साल के लिए पार्टी से निलंबित किया गया। दरअसल, पश्चिम बंगाल में भाजपा की बड़ी जीत पर शुभ्रांशु रॉय ने अपने पिता को बंगाल की राजनीति का असली चाणक्य बताया था। उनका कहना था कि तृणूमूल की हार हुई है और जनता ने हमारे खिलाफ मतदान किया है। हमें इस बात को स्वीकार करना चाहिए।

उल्लेखनीय है कि लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह और अन्य भाजपा नेताओं ने दावा किया था कि आम चुनाव खत्म होते ही तृणमूल के लगभग 100 विधायक भाजपा में शामिल हो सकते हैं। मोदी ने यहां तक कहा था कि तृणमूल के 40 विधायक उनके संपर्क में हैं। हाल में संपन्न लोकसभा चुनाव नतीजों में भाजपा ने शानदार प्रदर्शन के साथ पश्चिम बंगाल की 42 लोकसभा सीटों में से 18 सीटों पर परचम फहराया है जबकि तृणमूल इस बार 22 सीटों पर सिमट गई।

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