तेज गेंदबाजों को संभाल कर रखने की जरूरत : मलान

मेलबर्न: इंग्लैंड क्रिकेट टीम के बल्लेबाज डेविड मलान का कहना है कि इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट (ईसीबी) और प्रथम श्रेणी काउंटी क्लबों को इंग्लैंड के उभरते हुए तेज गेंदबाजों को संभाल कर रखने की जरूरत है। मलान यहां खेली जा रही एशेज सीरीज में अभी तक खेले गए तीन मैचों में इंग्लैंड की तरफ से सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज हैं। उन्होंने छह पारियों में 302 रन बनाए हैं।

इस सीरीज में आस्ट्रेलियाई तेज गेंदबाजों ने इंग्लैंड के बल्लेबाजों को खासा परेशान किया है। मलान का बयान इसी संदर्भ में आया है। वेबसाइट ईएसपीएनक्रिकइंफो ने मलान के हवाले से लिखा है, “कई काउंटी क्लबों के पास एक ऐसा तेज गेंदबाज होता है जो हर मैच में खेलता है। इसके बाद उसे इंग्लैंड की टीम में जगह मिलती है। वह 80 मीटर प्रति घंटे की रफ्तार से गेंदबाजी करता है और फिर अपनी लय और फॉर्म से जूझने लगता है।”

उन्होंने कहा, “शायद ईसीबी को इस बात पर ध्यान देना चाहिए और कहना चाहिए कि आप दो चैम्पियनशिप मैच खेलेंगे और एक मैच के बाद आराम करेंगे। इससे वो अपनी पूरी क्षमता के साथ गेंदबाजी कर सकेंगे।” इंग्लैंड को इस एशेज सीरीज से पहले तब बड़ा झटका लगा था जब स्टीवन फिन चोट के कारण सीरीज से बाहर हो गए थे।

फिन के संदर्भ में मलान ने कहा, “फिन भी इस बात से निराश होंगे की वह उस तेजी को बरकरार नहीं रख सके और मुझे लगता है कि ऐसा उनके ज्यादा क्रिकेट खेलने के कारण हुआ।” उन्होंने कहा, “अगर आप देखेंगे कि पैट कमिंस, मिशेल स्टार्क और जोश हाजलेवुड ने जितनी क्रिकेट खेली है वह फिन से काफी कम है।” आस्ट्रेलिया ने पांच मैचों की एशेज सीरीज में इंग्लैंड पर 3-0 की अजेय बढ़त ले ली है।

नोट: अगर आपको यह खबर पसंद आई तो इसे शेयर करना न भूलें, देश-विदेश से जुड़ी ताजा अपडेट पाने के लिए कृपया The Lucknow Tribune के  Facebook  पेज को Like व Twitter पर Follow करना न भूलें...
Loading...
-------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- ---------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- ---------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- ---------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- ---------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- ---------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- ----------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------
E-Paper