तो ये है बीजेपी वाले नकवी और कांग्रेस वाले राहुल की इफ्तार पार्टी

दिल्ली ब्यूरो: इफ्तार पार्टी वैसे तो आपसी सौहाद्र का प्रतीक है लेकिन यह राजनीति करने का भी एक प्रयास है। भारत में इफ्तार पार्टी को राजनीति से जोड़कर ही देखा जाता है। देश की कोई भी ऐसी राजनीतिक पार्टी नहीं है जो इफ्तार पार्टी नहीं करती हो और उसके जरिए वोट की राजनीति नहीं होती हो। दिल्ली में जैसे ही राहुलगांधी की इफ्तार पार्टी की महफिल सजने का ीालां हुआ ,बीजेपी नेता मुख्तार अब्बास नकवी भी इफ्तार पार्टी का ऐलान कर गए। एक तरफ राहुल की पार्टी तो दूसरी तरफ नकवी की पार्टी। दोनों पार्टियों पर एक दूसरे दलों की निगाहें लगी हुयी है।

कांग्रेस पार्टी ने आज इफ्तार में महागठबंधन के नेताओं को आमंत्रित किया है। वहीं, मुख्तार अब्बास नकवी ने भी इफ्तार का आयोजन किया है। इन्होंने ट्रिपल तलाक की पीड़िताओं को आमंत्रण दिया है। यह भी अपने आप में एक नया प्रयास ही है। वैसे, भाजपा ने अपना स्टैंड क्लियर किया है। पार्टी का कहना है कि वो इसका आयोजन नहीं करती है। यह पहली बार है कि सरकार के किसी मंत्री या भाजपा के किसी व्यक्ति ने अलग तरीके से इफ्तार मनाने का फैसला किया है। उन्होंने इसके जरिए एक सामाजिक संदेश देने की कोशिश की है। वैसे, राजनीति तो यहां भी है। वो चाहते हैं कि भाजपा का यह संदेश मुस्लिम महिलाओं के बीच जाए। नकवी ने तीन तलाक से पीड़ित कई महिलाओं को इफ्तार पार्टी में आने का निमंत्रण दिया है। खबर के मुताविक बड़ी संख्या में महिलाये वहाँ पहुंचेगी।

जहां तक बात कांग्रेस की है, तो उनकी ओर से कहा गया है कि इफ्तार का आयोजन कांग्रेस अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ ने किया है। इसमें राहुल गांधी भी आमंत्रित हैं। उनके अलावा सोनिया गांधी भी यहां पर होंगी। महागठबंधन के सभी प्रमुख चेहरों को आमंत्रित किया गया है। कमोबेश यह आमंत्रण कर्नाटक की तर्ज पर ही है। जिस तरीके से कर्नाटक में एचडी कुमारस्वामी के शपथग्रहण समारोह में विपक्षी पार्टियों के नेता इकट्ठे हुए थे, यहां पर भी ऐसी ही तैयारी है।

जाहिर है, कांग्रेस पार्टी इसका राजनीतिक संदेश काफी दूर तक ले जाना चाहती है। एक तो वह अपने आप को अल्पसंख्यकों की सबसे बड़ी हितैषी पार्टी के तौर पर पेश कर रही है। वहीं, दूसरी ओर अन्य दलों को भी यह कहना चाह रही है कि कांग्रेस के नेतृत्व पर भरोसा कीजिए, मोदी को मिलकर हराने के लिए आपको कांग्रेस का सहारा लेना ही पड़ेगा। देखना होगा कि इन दोनों इफ्तार पार्टी से राजनीति की कौन सी दिशा मिलती है।

नोट: अगर आपको यह खबर पसंद आई तो इसे शेयर करना न भूलें, देश-विदेश से जुड़ी ताजा अपडेट पाने के लिए कृपया The Lucknow Tribune के  Facebook  पेज को Like व Twitter पर Follow करना न भूलें...
Loading...

लखनऊ ट्रिब्यून

Vineet Kumar Verma

E-Paper