तो ये है मायावती से राहुल की पैकेज डील !

दिल्ली ब्यूरो: आगामी लोक सभा चुनाव को लेकर जिस तरीके से आगे बढ़ती दिख रही है उससे तो यही लगता है कि अगर सबकुछ निशाने पर लग गया तो कांग्रेस की रणनीति सफल होगी और बीजेपी को घेरने में वह कामयाब हो जायेगी। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी इन दिनों आसन्न विधान सभा चुनावों पर ज्यादा नजर गराये हैं और खासकर तीन राज्यों राजस्थान ,मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ को अपने पाले में करने के लिए कोई राजनीतिक कसार नहीं छोड़ रहे हैं। इसी रणनीति के तहत राहुल गांधी लगातार इन तीनो राज्यों के प्रदेश प्रभारियों से लगातार बैठके भी कर रहे हैं और हर संभावित राजनीति को साधने में लगे हैं।

अभी जो जानकारी मिल रही है उसके मुताविक राहुल गांधी इन तीन राज्यों को लेकर बसपा सुप्रीमो मायावती के साथ गहन मंथन करने की योजना में लगे है ताकि बसपा के साथ इन तीनो राज्यों को लेकर पॅकेज डील की जा सके। देश में दलितों वोट बैंक और मायावती की राजनीति को भांपते हुए राहुल गांधी को ऐसा लग रहा है कि अगर तीनो राज्यों में कांग्रेस का गठबंधन बसपा के साथ हो जाय तो पार्टी को लाभ होगा और सरकार बनाने की संभावना बढ़ जायेगी। यही वजह है कि राहुल गांधी इन तीनो राज्यों को लेकर सीट शेयरिंग के मामले में मायावती से पैकज डील की रणनीति पर काम कर रहे हैं।

जानकारी के मुताबिक, राहुल मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान में बीएसपी से अलग-अलग गठबंधन की बजाय एक साथ पैकेज डील के मूड में हैं। कांग्रेस अध्यक्ष ने इस बाबत मध्य प्रदेश के प्रभारी दीपक बाबरिया, राजस्थान के प्रभारी अविनाश पांडे और छत्तीसगढ़ के प्रभारी पीएल पुनिया के साथ बुधवार सुबह बैठक की। माना जा रहा है कि राहुल गांधी के आदेश पर कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता बीएसपी नेतृत्व के संपर्क में हैं। कांग्रेस की कोशिश है कि इन तीन राज्यों में किसी भी तरह सेक्युलर वोट का बंटवारा रोका जाए। यही वजह है की जब बसपा सुप्रीमो मायावती की अजीत जोगी से मुलाकात की खबर आई, तो मध्य प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष कमलनाथ ने सफ़ाई दी कि मायावती से बातचीत टूटी नहीं है और सीटों के बंटवारे को लेकर अभी भी बातचीत जारी है।

इसी तरह से छत्तीसगढ़ में बीएसपी पिछले विधानसभा चुनाव में सिर्फ़ एक सीट जीत पाई थी, जबकि दो सीटों पर उसका उम्मीदवार दूसरे नंबर पर रहा था। इसके अलावा 12 ऐसी सीटें थी, जहां बसपा उम्मीदवारों ने 500 से लेकर 35000 तक वोट हासिल किए थे। सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस अब छत्तीसगढ़ में किसी भी कीमत पर बसपा को अपने साथ रखना चाहती है। पार्टी को डर है कि अगर जोगी और बीएसपी साथ आ गए, तो इसका सीधा फायदा बीजेपी को होगा। जानकारी के मुताविक पार्टी बीएसपी को 5-7 सीट तक दे सकती है। जानकारी तो ये भी है कि बीएसपी ने ज्यादातर उन सीटों पर चुनाव लड़ने की मांग रखी है, जहां पिछली बार बीजेपी को जीत मिली थी। कांग्रेस मायावती की इन मांगो पर गौर कर रही है।

इसी तरह राजस्थान में 2013 के विधानसभा चुनाव में बीएसपी ने राज्य की 200 में से 195 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे थे। इनमें से तीन सीट पर उसके प्रत्याशी को सफलता मिली। उस वक्त बीएसपी को राज्य में 3.4 प्रतिशत वोट मिले थे। हालांकि राजस्थान में कांग्रेस का प्रदेश नेतृत्व बीएसपी से गठबंधन के पक्ष में नहीं है, लेकिन बताया जा रहा है कि राहुल गांधी राजस्थान में भी बीएसपी के लिए कुछ सीटें छोड़ने को तैयार हैं, ताकि 2019 के लोकसभा चुनाव में विपक्षी एकता के फॉमूले को मजबूत बनाया जा सके।

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