दिल्ली में बीजेपी का दो-दिवसीय राष्ट्रीय अधिवेशन शुरू, पीएम मोदी करेंगे उद्घाटन

दिल्ली ब्यूरो: दिल्ली के रामलीला मैदान में आज से बजपका दो दिवसीय राष्ट्रिय परिषद् अधिवेशन शुरू हो गया है। रामलीला मैदान दुल्हन की तरह सजा है। नेताओं के बड़े बड़े पोस्टर ,कटऑफ और पोस्टर पते परे हैं। सुरक्षा के कड़े इंतजामहै। 12 जनवरी तक चलने वाले इस अधिवेशन में आगामी लोकसभा चुनाव पर चर्चा होगी और युवाओं को साधने के साथ ही कांग्रेस और संभावित गठबंधन को हारने की योजना पर चर्चा होगी। कई प्रस्ताव भी पारित होंगे। यहां देशभर के पार्टी नेताओं एवं कार्यकर्ताओं की उपस्थिति में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी इस महाधिवेशन का उदघाटन करेंगे।

आज पीएम मोदी सबसे पहले ध्वजारोहण करेंगे। उसके बाद दीप जलाकर वंदेमातरम क गान होगा। इसके बाद पार्टी अध्यक्ष अमित शाह का अध्यक्षीय भाषण होगा.यह महाधिवेशन समान्य वर्ग के आर्थिक रूप से कमजोर तबके के लोगों को शिक्षा एवं रोजगार में 10 प्रतिशत आरक्षण देने का प्रावधान करने वाले संविधान संशोधन विधेयक को लोकसभा और राज्यसभा की मंजूरी मिलने के बीच हो रही है। इसने हाल में संपन्न विधानसभा चुनावों में हिंदी पट्टी के तीन राज्यों मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान में पार्टी को मिली हार के बाद भगवा पार्टी के मनोबल को बढ़ाया है।

भाजपा का मानना है कि राष्ट्रपति की मंजूरी मिलने के बाद यह कानून लागू हो जाएगा। इससे हिंदीभाषी राज्यों में अगड़ी जाति के मतदाता पार्टी के समर्थन में आएंगे। साथ ही जाट, पाटीदार, मराठा और राजनीतिक रूप से अन्य महत्वपूर्ण समुदायों में भी उसकी अपील मजबूत होगी। पार्टी का एक हिस्सा मानता है कि अगड़ी जाति के मतदाताओं के आक्रोश का खामियाजा उसे हालिया विधानसभा चुनावों में भुगतना पड़ा।

पार्टी सूत्रों ने बताया कि ओबीसी आयोग को संवैधानिक दर्जा देना, दलितों और आदिवासियों के खिलाफ अत्याचार पर कानून को मजबूत बनाने जैसे मोदी सरकार के कदमों को भी रेखांकित किया जाएगा और इसे उसकी ‘सामाजिक न्याय’ परियोजना के हिस्से के तौर पर पेश किया जाएगा। उन्होंने बताया, ‘मोदी सरकार ने समाज के हर तबके को सशक्त बनाया है। पार्टी विस्तार से इस बारे में बात करेगी। ’उन्होंने बताया कि किसानों के लिये पार्टी नीत सरकार द्वारा उठाए गए कदमों और गरीबों के कल्याण के लिये चलाई गई विभिन्न योजनाओं और आर्थिक विकास के लिये उठाए गए कदमों पर भी चर्चा की जाएगी। गौरतलब है कि किसानों की कर्ज माफी और राफेल सौदे को लेकर कांग्रेस सरकार को घेरने का प्रयास कर रही है। भाजपा मीडिया प्रकोष्ठ के प्रमुख एवं राज्यसभा सदस्य अनिल बलूनी ने बताया कि यह देश भर के पार्टी कार्यकर्ताओं का ‘महासंगम’ होगा जहां से हम अपने विजय अभियान की शुरूआत करेंगे।

यह बैठक राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) से तेलगू देशम पार्टी, राष्ट्रीय लोक समता पार्टी, असम गण परिषद के अलग होने तथा शिवसेना, अपना दल (एस), ओमप्रकाश राजभर की अगुवाई भारतीय सुहेलदेव समाज पार्टी के साथ तल्ख रिश्तों की पृष्ठभूमि में हो रही है। यह पहला मौका है जब भाजपा अपनी राष्ट्रीय परिषद की बैठक को विस्तृत स्वरूप देने जा रही है। इसमें हर लोकसभा क्षेत्र के लगभग दस प्रमुख नेता हिस्सा लेंगे। बैठक में सभी सांसदों, विधायकों, परिषद के सदस्यों, जिला अध्यक्षों व महामंत्रियों के साथ हर क्षेत्र के विस्तारकों को भी बुलाया गया है.बैठक में राजनीतिक व आर्थिक मुद्दों समेत तीन प्रमुख प्रस्तावों के पारित किये जाने की संभावना है। इसमें राम मंदिर के मुद्दे पर भी पार्टी का रूख स्पष्ट किया जा सकता है। इस विषय पर आरएसएस समेत हिन्दुवादी संगठन मंदिर निर्माण के लिये कानून बनाने की मांग कर रहे हैं.

समझा जाता है कि बैठक में कांग्रेस और उसकी समर्थित सरकारों के साठ साल के कामकाज की तुलना भी रखी जाएगी और बताया जाएगा कि वर्तमान सरकार के दौरान कितनी तेजी से विकास हुआ है। इसमें सबसे ज्यादा जोर भ्रष्टाचार मुक्त सरकार पर दिया जायेगा और कांग्रेस की पिछली सरकारों के घोटालों की तुलना करते हुए भाजपा अपनी बेदाग सरकार को जनता के सामने लेकर जाएगी।

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