दीनदयाल उपाध्याय का प्रसिद्धि से दूर रहकर संगठन का काम करने का मंत्र प्रेरणास्रोत : अमित शाह

नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने सोमवार को यहां एकात्म मानववाद के प्रणेता पं. दीनदयाल उपाध्याय के बलिदान दिवस पर आयोजित ‘समर्पण दिवस’ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि खुद को प्रसिद्धि से दूर रखकर संगठन के माध्यम से चुनाव कराने का जो मंत्र दीनदयाल जी ने दिया था, वो आज भी हमारे लिए प्रेरणास्रोत है ।

अमित शाह ने कहा कि दीनदयाल जी ने पार्टी का जो एक बीज बोया था, वो आज एक विशाल वट वृक्ष के रूप में सामने है। उन्होंने एक ऐसी पार्टी की परिकल्पना की, जिस पार्टी का आधार नेता न हों, बल्कि कार्यकर्ता और संगठन हो। शाह ने कहा कि लोकतांत्रित मूल्यों का जतन, संवर्धन और संरक्षण अगर किसी एक संस्कृति ने किया है, तो वह भारतीय संस्कृति ने किया है। पार्टी का काम करते करते आज ही के दिन पंडित जी ने अपना बलिदान दिया था। भाजपा अपने स्थापना काल से इस दिन को समर्पण दिवस के रूप में मनाती रही है।

उन्होंने कहा कि हमारे ध्येय को प्राप्त करने का साधन भाजपा का संगठन है। हम सांस्कृतिक राष्ट्रवाद और गरीब कल्याण के ध्येय को लेकर आगे बढ़े हैं। शाह ने कहा कि दीनदयाल जी के बलिदान दिवस पर भाजपा देशभर में हर बूथ पर ‘समर्पण दिवस’ आयोजित कर रही है। नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा, राजनीति में शुचिता के दीनदयाल जी के संकल्प के प्रति कटिबद्ध है और इस कार्यक्रम के माध्यम से कार्यकर्ता नमो एप या चेक से संगठन को अपना डोनेशन दे सकते हैं।

भाजपा अध्यक्ष ने स्वयं अपना उदाहरण देकर अन्य पार्टी कार्यकर्ताओं से भी पार्टी के लिए डोनेशन की अपील की। उन्होंने कहा कि आज ‘समर्पण दिवस’ के अवसर पर मैंने नमो एप के माध्यम से संगठन को अपना डोनेशन दिया। मैं सभी कार्यकर्ताओं से अपील करता हूं कि आप भी एप के माध्यम से पार्टी को 5 रुपये से लेकर 1000 रुपये तक डोनेट कर सकते हैं।

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