देश के मौजूदा हालात इमरजेंसी से भी बदतर हैं: शत्रुघ्न सिन्हा

लखनऊ ब्यूरो। भारत रत्न जयप्रकाश नारायण की जयंती समारोह गुरुवार को समाजवादी पार्टी के मुख्यालय में आयोजित किया गया, कार्यक्रम में बीजेपी के बागी नेता शत्रुघ्न सिन्हा और पूर्व केंद्रीय मंत्री यशवंत सिन्हा के पहुंचने से चर्चा के केंद्र बिंदु बने रहे। बीजेपी के बागी नेताओं के साथ ही मुलायम सिंह यादव की न मौजदगी और अखिलेश यादव के शासन में मुख्यसचिव रहे आलोक रंजन की मौजदगी पर तरह-तरह कयास लगता रहा ।

जयंती समारोह में पत्रकारों से बात करते हुए शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा कि अखिलेश यादव देश की राजनीति का उभरता हुआ सितारा हैं। लखनऊ में आज जय प्रकाश नारायण जी को श्रद्धा सुमन अर्पित करने आया हूं, जिनसे प्रभावित होकर मैंने राजनीति में उतरने का मन बनाया था। आज सम्पूर्ण क्रांति के नायक जय प्रकाश नारायण जी जयंती है।

शत्रुघ्न सिन्हा ने आगे कहा कि आज लोग यशवंत सिन्हा को जय प्रकाश नारायण की तरह देख रहे है।भारत की राजनीति के साथ ही यूपी की राजनीति में अपनी पकड़ बनाने वाला जानदार शानदार नेता अखिलेश यादव ने जो इतने कम उम्र में अपनी वाणी का जो परिपकता दिखाया है कई बार लगता है इनका जादू सर चढ़ कर बोलता है। समाजवादी पार्टी में शामिल होने के कयासों पर वह स्पष्ट तो कुछ नहीं बोले, लेकिन भविष्य के संकेत जरूर दे दिये। उन्होंने कहा कि हम सब जयप्रकाश जी को मानने वाले लोग हैं। अखिलेश मुझे मौका दें या मैं अखिलेश को मौका दूं बात एक ही है। हम सब एक परिवार की तरह हैं। बीजेपी नेता ने कहा कि मैं हर दल का प्रिय हूं। सभी लोग मुझे मानते हैं।

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की तारीफ करते हुए शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा कि अखिलेश देश के सबसे मजबूत और मशहूर नेता हैं। वह देश की राजनीति का उभरता हुआ सितारा हैं। मैं उनकी बहुत सम्मान करता हूं। महागबंधन को मीडिया का बनाया हुआ मिलन बताते हुए शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा कि आने वाले व्कत में तय होगा कि उनका महागठबंधन में क्या रोल होगा?

सपा के कार्यक्रम में शिरकत करते हुए पूर्व केंद्रीय मंत्री यशवंत सिन्हा ने कहा कि मुझे जय प्रकाश नारायण जी के साथ काम करने का मौका मिला, चंद्रशेखर जी के साथ काम करने का मौका मिला, मुलायम सिंह जी के साथ काम करने का मौका मिला। देश के मौजूदा हालात इमरजेंसी से भी बदतर हैं। लोकतांत्रिक संस्थायें खतरे में हैं, लेकिन अगर हम मिलकर लड़े तो इस जंग को जीतेंगे। अगर अब नहीं चेते तो देश को बहुत बड़ा नुकसान होगा।

जेपी के जयंती समारोह में बीजेपी के बागी नेता शत्रुघ्न सिन्हा और यशवंत सिन्हा भी पहुंचे

उन्होंने महागठबंधन की जरूरत बताते हुए कहा कि अगर अब हम नहीं चेते तो बड़ी देर हो जाएगी। देश मे नोट बंदी होने वाली थी तो देश के वित्त मंत्री को ही जानकारी नही थी कि नोट बंदी होने वाली है। राफेल सौदा हुआ और देश के रक्षा मंत्री को नही पता की राफेल का सौदा हुआ है, आज की विदेश मंत्री सिर्फ ट्वीट करती है क्यों कि कभी पीएम ने विदेश यात्रा पर विदेश मंत्री को नही कहा कि साथ चलिए। इस लिए वो बेचारी बैठी रहती है। देश मे नोट बंदी होने वाली थी तो देश के वित्त मंत्री को ही जानकारी नही थी कि नोट बंदी होने वाली है।

उन्होंने ने कहा कि मौजूदा समय में दमनकारी नीतियां चल रही है। सरकार की चमचागिरी न करने वालो के ख़िलाफ़ छापा मरवाया जा रहा है। मीडिया के ऊपर बैठे लोग स्वार्थ में है। बड़े और छोटे की बात न सुनने का आदेश दिया गया। अखिलेश यादव की तारीफ़ में कसीदे भी पढ़े यशवंत सिन्हा ने। दुराचार, भ्रष्टाचार, की सरकार जो दिल्ली में है, उससे लड़ना है आज हम लोग ये संकल्प ले कर जाएंगे। सम्मलित रूप से लड़े तो 1977 वाली जीत दोहराई जाएगी ।दुर्योधन और दुशासन से लड़ने का समय है।

जयंती समारोह के कार्यक्रम में अखिलेश यादव के साथ समाजवादी पार्टी के दिग्गज नेता व कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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