दोनों देशों के राजी होने पर कश्मीर पर मध्यस्थता के लिए तैयार : ट्रंप

न्यूयार्क: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को कहा कि वह दोनों देश के राजी होने की स्थिति में कश्मीर पर मध्यस्थता के लिए तैयार हैं। पाकिस्तानी प्रधाानमंत्री इमरान खान के साथ बैठक से पहले पत्रकारों के सवाल का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि मध्यस्थता करने का उनका प्रस्ताव ‘हमेशा बना रहेगा’। उन्होंने कहा, “अगर मैं मदद कर सकता हूं तो मैं हमेशा ऐसा करूंगा, हालांकि यह दोनों पक्षों के सहमति पर निर्भर करेगा।”

उन्होंने कहा, “मैं ऐसा करने की इच्छा रखता हूं और इसमें सक्षम हूं।” यह पूछे जाने पर कि पाकिस्तान में आतंकवाद की समस्या पर क्या वह उसपर विश्वास करते हैं, पर ट्रंप ने कहा, “मैं यहां इस जेंटलमैन पर विश्वास करता हूं और मैं पाकिस्तान पर भी विश्वास करता हूं।” उन्होंने कहा, “न्यूयार्क में मेरे कई पाकिस्तानी दोस्त हैं। वास्तव में शानदार वार्ताकार(ग्रेट निगोशिएटर)।” ट्रंप ने कहा कि जहां तक आतंकवाद से निपटने की बात है, मैंने सुना है कि उन्होंने(पाकिस्तान) इस क्षेत्र में प्रगति की है।

जब खान ने ईरान, अफगानिस्तान और भारत के साथ अपनी समस्याओं के बारे में बोला, ट्रंप ने हल्के लहजे में कहा, “वह काफी दोस्ताना पड़ोसियों के साथ रहते हैं।” खान ने कहा कि वह ट्रंप के समक्ष निजी तौर पर कश्मीर मुद्दा रखना चाहते हैं। उन्होंने कहा, “यह मानवीय मुद्दा है। अगर आप उनसे(प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी) से अब मिलने वाले होते तो मैं आपसे कम से कम उनसे कर्फ्यू (कश्मीर में पाबंदी) हटाने के लिए कहने को कहता।”

उन्होंने कहा, “मैं ईमानदारी से महसूस करता हूं कि यह संकट और भी बदतर हो जाएगा।” खान ने कहा कि अमेरिका सुरक्षा परिषद में कश्मीर मुद्दे पर चर्चा और ‘मानवीय संकट’ समाप्त करने के लिए भारत और पाकिस्तान को एकसाथ लाने पर कुछ कर सकता है। ट्रंप ने कहा कि अफगानिस्तान और तालिबान से डील करने के मामले में खान ‘बहुत मददगार’ रहे हैं।

नोट: अगर आपको यह खबर पसंद आई तो इसे शेयर करना न भूलें, देश-विदेश से जुड़ी ताजा अपडेट पाने के लिए कृपया The Lucknow Tribune के  Facebook  पेज को Like व Twitter पर Follow करना न भूलें...
Loading...
-------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- ---------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- ---------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- ---------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- ---------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- ---------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- ----------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------
E-Paper