दोस्ती नाम है सुख-दुख के अफसाने का

दोस्त, मोहक सपनों का सजीव एहसास है,

दोस्त,व्याकुल नयनों की अटूट आस है,

दोस्त,साहस है,शक्ति है,सहारा है,

दोस्त, अंधेरी रात का चमकता सितारा है.

फ्रेंडशिप डे यानि दोस्ती का दिन. अब भला आप सोचेंगे कि आखिर दोस्ती के दिन को लोग इतना महत्व क्यूं देते हैं. भारत में तो हर दिन हर शाम लोगों को दोस्तों का साथ मिलता है. दरअसल फ्रेंडशिप-डे पश्चिमी सभ्यता की सोच और मांग है जहां के एकल जीवन में अकसर दोस्तों का महत्व बेहद कम हो जाता है.

दोस्त कहने को तो हर किसी को थोक के भाव में मिल जाते हैं लेकिन उन दोस्तों का कोई मोल नहीं होता. इन दोस्तों के लिए हमें कोई मोल तो नहीं चुकाना होता लेकिन इनकी दोस्ती बहुत अनमोल होती है. एक सच्चा दोस्त आपकी जिंदगी को सही राह पर ले जाने में बहुत सहायक होता है. युवाओं के मन में अकसर यह सवाल उठता है कि प्यार बड़ी या दोस्ती. इस बारे में तो हम इतना ही कह सकते हैं कि रिश्तों में ‘पहली पूजा’ दोस्ती की होती है और फिर ही चढ़ता है प्यार का फूल.

दोस्ती नाम है सुख-दुख के अफसाने का,

ये राज है सदा मुस्कुराने का,

ये पल दो पल की रिश्तेदारी नहीं,

ये तो फ़र्ज है उम्र भर निभाने का”

जिंदगी की ऐसी कोई राह नहीं है जहां आपको दोस्त ना मिलें. यह दोस्त कोई लड़का या कोई लड़की भी हो सकती है. स्कूल, कॉलेज, कॉलोनी, बस, ट्रेन, मेट्रो हर जगह आपके लिए दोस्त ही दोस्त हैं बस जरूरत है तो इनमें से सही शख्स की पहचान और सही दोस्त का चुनाव करना जो बहुत ज्यादा जरूरी है.

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