नहीं मिला वाहन, पत्नी के शव को ट्रॉली पर लादकर 45 किमी पैदल चला पति

प्रयागराज। यूपी के प्रयागराज जिले में शव वाहन ना मिल पाने के कारण एक किसान को अपनी पत्नी का शव रिक्शे में डालकर 45 किमी तक पैदल चलना पड़ा। आरोप है कि एसआरएन अस्पताल में भर्ती एक महिला की मौत के बाद उसके परिवार को तमाम कोशिशों के बावजूद शव ले जाने के लिए वाहन नहीं मिला था। प्रयागराज के शंकरगढ़ इलाके के निवासी कल्लू ने अपनी पत्नी को पांच दिन पहले शहर के स्वरूपरानी अस्पताल में भर्ती कराया था। सिर में चोट लगने के बाद कल्लू की पत्नी को यहां लाया गया था, जहां इलाज के दौरान गुरुवार सुबह उसकी मौत हो गई। पत्नी की मौत के बाद कल्लू ने अस्पताल में शव को घर ले जाने के लिए वाहन की मांग की, लेकिन जब कोई वाहन ना मिला तो उसने एक ट्रॉली पर पत्नी के शव को रख दिया और फिर इसी से 45 किमी दूर अपने शंकरगढ़ तक पहुंचा।

निजी एंबुलेंस चालक ने मांगे तीन हजार रुपए

पति कल्लू जब शव को घर ले जाने के साधन खोजने लगा तो उसे एंबुलेंस नहीं मिली। बताया गया कि सरकारी शव वाहन उपलब्ध ही नहीं है। वहीं निजी एंबुलेंस चालक ने तीन हजार रुपए मांगे। मजबूरी में कल्लू रिक्शा ट्राली पर पत्नी का शव रखकर घर की ओर निकल पड़े।

कैबिनेट मंत्री ने दिए जांच के आदेश

पूरे वाकये के बाद जब इस बात की जानकारी सूबे के कैबिनेट मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह ने कहा कि घटना की जानकारी मिलने के बाद तत्काल स्वरूप रानी अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक को जांच के आदेश दिए गए हैं।

मेरे पास आते तो करता मदद

मेरे पास एंबुलेंस की मांग लेकर कोई आया ही नहीं है। अगर कल्लू उनके पास आता तो वह शव ले जाने की व्यवस्था जरूर कराते। हालांकि अभी हाल ही में यह मामला में संज्ञान में आया है, जिसकी जांच कराई जा रही है। डॉ. एके श्रीवास्तव, एसआईसी, एसआरएन अस्पताल

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