नागा साधु बनने से पहले महिलाओं का होता है ये खतरनाक टेस्ट

हमारे देश में महिलाओं को पुरूषों के बराबर अधिकार दिया है और प्राचीन काल से ही महिला को पुरूषों से ज्यादा महत्व दिया जाता है। लेकिन आज हम आपको कुंभ में महिलाओं के शामिल होने के बारे में बताने जा रहे हैं जो किसी भी महिला के लिए करना आसान काम नहीं होता है। अगर कोई महिला नागा साधु बनानी चाहती है तो उसे इसके लिए कुछ टेस्ट देना जरूर होता है। एक खबर के अनुसार बताया जा रहा है की पिछले कुछ समय से विदेशी महिलाओं की नाग साधु बनने की संख्या बढ़ी है।

अगर कोई महिला नागा साधु बनना चाहती है तो उसे नागा साधु बनने की दीक्षा जी जाती है। महिलाओं के लिए भी पुरूषों की तहर नियम होते हैं जिनका उन्हें पालन करना होता है। महिला नागा साधु को हमेशा गेरूए रंग के कपड़े पहने होते हैं। नागा साधु बनने से पहले हर महिला को लगभग 10 साल तक ब्रह्मचर्य का पालन करना होता है और इसके साथ उस महिला साधु को अपना पिंडदान करना होता है। नागा साधु बनाने से पहले उस महिला की पिछली जिंदगी के बारे में पता किया जाता है।

नागा साधु बनने के दौरान उस महिला को यह साबित करना होता है की अब उसे केवल ईश्वर के प्रति प्यार और दुनिया भर की सभी सुविधा उसके लिए कुछ भी नहीं है। वह अपनी सांसारिक खुशियों में उसका कोई मोह नहीं है और महिला नागा साधु बनने के समय महिलाओं को अपने बाल छिलवाने पड़ते है। नागा साधु महिला कुंभ स्नान के समय अपने वस्त्र पहनकर ही स्नान करती है। कुंभ में वह नागा पुरूष साधुओं के बाद स्नान करती है और महिला नागा साधु को माता कहा जाता है।

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