नायडू और पीएम मोदी के बीच के व्यक्तिगत हमले और नायडू के भूख हड़ताल की कहानी

दिल्ली ब्यूरो: अब राजनीतिक हमले व्यक्तिगत होते जा रहे हैं। जैसे जैसे चुनाव की तारीख नजदीक आ रहे हैं नेता के बोल घटिया होते जा रहा है। कोईकिसी को छोड़ने को तैयार नहीं। आंध्रप्रदेश के गुंटूर में रविवार को पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एन चंद्रबाबू नायडू पर व्यक्तिगत टिप्पणी करते हुए उन्हें ‘लोकेश के पिता’ के नाम से संबोधित किया, उसके बाद शाम होते-होते मुख्यमंत्री ने भी उसी अंदाज में हमला बोल दिया। विजयवाड़ा में एक जन रैली को संबोधित करते हुए चंद्रबाबू नायडू ने मोदी की पत्नी का जिक्र कर दिया।

उन्होंने अपने भाषण में मोदी की पत्नी जशोदाबेन का जिक्र करते हुए कहा कि अगर पीएम व्यक्तिगत हमले करेंगे, तो उनको उसी भाषा में जवाब दिया जाएगा। नायडू ने कहा, ‘हां मुझे लोकेश का पिता होने पर गर्व है। मैंने हमेशा मेरे परिवार के आदर्शों को आगे बढ़ाया है, लेकिन मोदी का कोई परिवार नहीं है, वह उन्हें नहीं समझ पाएंगे।’ बता दें कि गुंटूर में पीएम ने कहा था कि तेलगू देशम पार्टी में मुख्यमंत्री ने सिर्फ अपने बेटे नारा लोकेश को ही प्रमोट किया है। पीएम पर व्यक्तिगत हमलों की झड़ी लगाते हुए आंध्र प्रदेश के सीएम ने आगे कहा, ‘आपने तो अपनी पत्‍नी को छोड़ दिया है। क्या परिवार नाम की व्यवस्था के प्रति आपके मन में कोई सम्मान है? प्रधानमंत्री का न तो कोई परिवार है और न ही कोई बेटा लेकिन वह (नायडू) अपने परिवार से प्यार करते हैं और उसका सम्मान करते हैं।’

दीनदयाल उपाध्याय का प्रसिद्धि से दूर रहकर संगठन का काम करने का मंत्र प्रेरणास्रोत : अमित शाह

आंध्र प्रदेश के सीएम ने मोदी को महंगे कपड़ों का पर भी सवाल खड़े करते हुए कहा कि वे एक करोड़ तक के कपड़े पहनते हैं। नायडू ने कहा, ‘गांधीजी साधारण आदमी थे। मैं भी पिछले 40 सालों से एक ही प्रकार के कपड़े पहन रहा हूं।’ बता दें कि पीएम मोदी जब रविवार को आंध्र प्रदेश पहुंचे तो लेफ्ट, कांग्रेस और राज्य की टीडीपी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने ‘मोदी कभी नहीं और मोदी वापस जाओ’ जैसे नारे लगाए। इस दौरान मोदी के काफिले को काले झंडे भी दिखाए गए। पीएम मोदी पर हमला बोलते हुए आंध्र प्रदेश के सीएम ने कहा, ‘वे तीन तलाक बिल लाकर तलाकशुदा मुस्लिम महिलाओं की मदद की बात करते हैं, लेकिन उनसे उनकी पत्नी जशोदाबेन के बारे में कोई सवाल पूछे तो कोई जवाब नहीं दे पाते हैं।’ नायडू ने कहा कि वे व्यक्तिगत टिप्पणी नहीं करना चाहते हैं, लेकिन मोदी ने उन्हें ऐसा करने के लिए विवश कर दिया है। पीएम मोदी ने चंद्रबाबू नायडू पर पब्लिक फंडिंग से पॉलिटिकल कैंपेन चलाने का आरोप लगाया, जिसके मुख्यमंत्री ने खारिज कर दिया।

रविवार को एक दूसरे पर हमला खूब हुए। जनता के बीच ठहाका भी लगे। नारे भी खूब लगे। इसके बाद सोमवार को सीएम चंद्रबाबू नायडू ने दिल्ली स्थित आंध्र प्रदेश भवन में अपनी भूख हड़ताल शुरू कर दी है। आंध्र प्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा दिए जाने की मांग को लेकर चंद्रबाबू नायडू ने भूख हड़ताल शुरू की है। टीडीपी ने कहा है कि उनकी भूख हड़ताल केंद्र सरकार के खिलाफ है क्योंकि मोदी सरकार ने आंध्र प्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा नहीं दिया। नायडू के इस भूख हड़ताल में विपक्षी दलों के कई नेता भी शामिल हो सकते हैं। भूख हड़ताल शुरू करने से पहले चंद्रबाबू नायडू ने राजघाट पर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि दी।

E-Paper