नियमित योग करने से मिल सकता है थॉयराइड से छुटकारा

छतरपुर: थायराइड ग्रंथि से निकलने वाले हार्मोन ऊतकों की वृद्धि एवं विकास क्रिया को नियंत्रित करते हैं। इनकी कमी या अधिकता से कई प्रकार की बीमारियां हो जाती हैं। इस ग्रंथि को सही तरीके से क्रियाशील करने के लिए कुछ व्यायाम का योगाभ्यास जरूरी है। सही तरीके से योग का अभ्यास कर हम इसे नियंत्रित कर सकते हैं। थायराइड को नियंत्रित करने के लिए मुख्य रूप से चार योगासन हैं, जिनमें उष्ट्रासन, सर्वांगासन, हलासन और अर्धचंद्रासन है।

यह जानकारी केंद्रीय योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा अनुसंधान परिषद, नई दिल्ली के सहयोग से अलख-सामाजिक एवं जनकल्याण समिति, ग्वालियर द्वारा नौगांव के राजा यादवेंद्र सिंह स्टेडियम परिसर में 21 मई से चल रहे निशुल्क योग प्रशिक्षण शिविर में योग प्रशिक्षक मीना खैरा ने मंगलवार को सुबह शिविरार्थी योग साधकों को दी। उन्होंने कहा कि योग के माध्यम से अन्य तरह के शारीरिक कष्टों और व्याधियों से भी मुक्ति पाई जा सकती है। इस योग शिविर में महिलाएं और बच्चे भी बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं, महिलाओं से संबंधित शारीरिक परेशानियों को दूर करने में भी इस योग शिविर की अहम भूमिका साबित हो रही है।

इसी तरह नौगांव के ही सरस्वती उच्चतर माध्यमिक विद्यालय परिसर में चल रहे योगाभ्यास कार्यक्रम सूर्य नमस्कार एवं अन्य योग के आसनों का नियमित रूप से अभ्यास आचार्य एवं प्राचार्य धीरेंद्र श्रीवास्तव के नेतृत्व में योग प्रशिक्षण करवा रहे हैं। इस शिविर में योग प्रशिक्षक बता रहे हैं कि सूर्य नमस्कार का व्यायाम के साथ-साथ धार्मिक महत्व भी है। सूर्यनमस्कार अर्थात भगवान सूर्यनारायण की वंदना है।

यह एक अत्यंत प्राचीन भारतीय व्यायाम है, सुबह पूर्व दिशा में खड़े होकर शांतचित्त से सूर्य की स्थिति करते-करते सूर्य नमस्कार किया जाता है। सूर्य नमस्कार में 12 आसन होते हैं, इसे सुबह के समय करना ही बेहतर होता है, सूर्य नमस्कार के नियमित अभ्यास से शरीर में रक्त संचरण बेहतर तरीके से होता है, जिससे शरीर रोगमुक्त रहता है।

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