नोटबंदी के दौरान हुई मौत की जानकारी पीएमओ को नहीं 

दिल्ली ब्यूरो: नोटबंदी के दौरानहुई मौत की जानकारी प्रधानमन्त्री कार्यालय को नहीं है। बता दें कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आठ नवम्बर 2016 को नोटबंदी की घोषणा की थी,जिसके बाद 500 और 1000 के नोट चलन से बाहर हो गए थे। तब इस दौरान 100 से ज्यादा लोगों की मौत की खबरे आयी थी। लेकिन इन मौतों के बारे में पीएमओ  के पास कोई सुचना नहीं है।
गौरतलब है कि केंद्रीय सूचना आयोग एक आरटीआई आवेदक की याचिका पर मामले की सुनवाई कर रहा था।  इस मामले में आवेदन देने के बाद जरूरी 30 दिनों के अंदर सूचना मुहैया नहीं कराई गई थी। सुचना पीएमओ से मिलनी थी जो नहीं मिली तब केंद्रीय सूचना आयोग इस मामले को देख रहा था और सरकार को सूचना देने को कहा था। लेकिन सुचना नहीं मिली। बता दें कि वित्त मंत्री अरूण जेटली ने राज्यसभा में एक सवाल के जवाब में 18 दिसम्बर 2018 को कहा था कि उपलब्ध सूचना के मुताबिक नोटबंदी के दौरान भारतीय स्टेट बैंक के तीन अधिकारी और इसके एक ग्राहक की मौत हो गई थी।  हालांकि आंकड़े के मुताबिक नोटबंदी के दौरान 100 से ज्यादा लोग लाइन में ही मौत के शिकार हो गए थे।  बताया जाता है कि नोटबंदी से जुड़ी मौत पर सरकार की पहली स्वीकारोक्ति थी। देश भर से नोटबंदी से जुड़े मामलों में लोगों की मौत की खबर आई थी।
नीरज शर्मा ने पीएमओ में आरटीआई आवेदन देकर जानना चाहा था कि नोटबंदी के बाद कितने लोगों की मौत हुई थी। साथ ही उन्होंने मृतकों की सूची मांगी थी। पीएमओ से निर्धारित 30 दिनों के अंदर जवाब नहीं मिलने पर शर्मा ने सीआईसी का दरवाजा खटखटाकर अधिकारी पर जुर्माना लगाए जाने की मांग की। सुनवाई के दौरान पीएमओ के सीपीआईओ ने आवेदन का जवाब देने में विलंब के लिए बिना शर्त माफी मांगी। उन्होंने कहा कि शर्मा ने जो सूचना मांगी है वह आरटीआई कानून की धारा 2 (एफ) के तहत ‘सूचना’ की परिभाषा में नहीं आती है।
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