पाकिस्तान में फंसा सलीम का शव, विदेशी मंत्री सुषमा के घर से मां को भगाया

नई दिल्ली: भले ही विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के ट्वीट से कई लोगों को जिंदगी मिल गई हो, वहीं एक मां को अपने बेटे का पाकिस्तान से शव चाहिए लेकिन उनके घर से दुत्कार के भगा दिया गया। दिल्ली में मिले दर्द को सिसकते हुए बयां कर रही सलीम की मां। अपने बेटे सलीम को हिंदुस्तान की मिट्टी में दफनाने की जिद में पिछले 1 महीने से दर-दर की ठोकरें खा रही हैं, लेकिन मदद के दरवाजे बंद मिले। सलीम के पिता कबीर की माने तो सुषमा स्वराज की कोठी में अफसरों ने तर्क दिया कि बॉर्डर पर टेंशन है। पाकिस्तान की नई सरकार से भारत का तालमेल नहीं है। ऐसे में पहल कैसे हो। इसी की वजह से सलीम का शव फंस गया है।

सलीम की मां गुलनाज परवीन का कहना है कि ‘फाइलें लेकर अब तक दिल्ली में भटकते हुए बहुत खर्च हो गया। परिवार में पोते-पोतियों के लिए सिर्फ एक भैंस बची थी, उसे बेचकर अब दिल्ली आए। 10 दिन पहले विदेश मंत्री की कोठी से ही टाइम दिया गया था कि मैडम यूएन गई हैं, 2 अक्टूबर के बाद मिलेंगी।’ उन्होंने आगे कहा वे कश्मीर से 3 अक्टूबर को ही दिल्ली आ गए। रोज मंत्री जी की कोठी के बाहर सामान लेकर उम्मीद में बैठे रहे, लेकिन किसी ने नहीं सुनी।

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वह आगे बोलीं, ‘2 कैनल खेती की जमीन बची है, उसे भी हम बेच देंगे, लेकिन बेटे का शव मिल जाए। पाकिस्तान ने उनके बेटे के शव को कब्रिस्तान के बजाय नाले के पास रेत में गाड़ दिया है। उस जगह पर एक डंडा लगा दिया है, ताकि शव भारत भेजने के दौरान जगह को पहचाना जा सके। गौरतलब है कि जम्मू से लेह प्रॉजेक्ट पर ले जा रहे गैस टैंकर पर राजौरी जिले के ही ड्राइवर शौकत, जब्बार और हेल्पर के तौर पर कबीर का बेटा सलीम थे। गैस टैंकर 7 जून को करगिल के हरदास ब्रिज से गैस टैंकर खाई में खिसक कर ‘दरिया ए सिंध’ नदी के तेज बहाव में बह गया। करगिल थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई। एक महीने बाद टैंकर पर लिखे मोबाइल नंबर से पाकिस्तान से कॉल चमन को मिली। तब हादसे के बारे में पता चला।

दो शव तो नहीं मिले, लेकिन गले में चेन से सलीम के शव की पहचान हुई। बेटे के शव को वापस लाने की मशक्कत में सलीम के माता-पिता राज्य के कमिश्नर, सांसद, एमएलए के लिखे लेटर की फाइलें लेकर चक्कर काट रहे हैं। जेएंडके राज्य की तरफ से इसी 14 सितंबर को एक फाइल विदेश मंत्री सुषमा स्वराज को भेजी गई, मगर विदेश मंत्री से मदद नहीं मिल सकी।

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