पाक ने 34 भारतीय मछुआरों को किया गिरफ्तार

कराची: पाकिस्तान ने भारत के 34 मछुआरों को गिरफ्तार कर लिया है। अधिकारियों के मुताबिक पाकिस्तान ने कथित तौर पर अपनी जल सीमा में प्रवेश करने के चलते गिरफ्तार किया है। पाकिस्तानी नौसेना के तहत आने वाली मैरीटाइम सिक्यॉरिटी एजेंसी ने इन मछुआरों को गिरफ्तार किया है। पाकिस्तान की मैरीटाइम सिक्यॉरिटी एजेंसी के प्रवक्ता ने कहा कि मछुआरों के साथ 6 नावों को भी सीज किया गया है। प्रवक्ता ने बताया कि मछुआरों को स्थानीय पुलिस को सौंप दिया गया है।

उन्होंने कहा, इन मछुआरों को न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया जाएगा, जहां उन्हें न्यायिक रिमांड पर लेने का फैसला होगा। जनवरी के बाद यह पहला मौका है, जब पाकिस्तानी नौसेना ने भारत के मछुआरों को अरेस्ट किया है। इससे पहले जनवरी में पाकिस्तान ने 5 गुजराती नाविकों को अरेस्ट कर जेल भेज दिया था। बता दें कि पिछले ही महीने पाकिस्तान ने कराची की लांधी और मालिर जेलों से 250 भारतीय मछुआरों को रिहा किया था। इन मछुआरों को पाकिस्तान ने तीन चरणों में छोड़ा था।

इससे पहले पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने अप्रैल में 4 बैचों में 360 मछुआरों को रिहा करने का ऐलान किया था। गौरतलब है कि भारत और पाकिस्तान के मछुआरे कई बार एक-दूसरे देशों की सीमा में गलती से प्रवेश कर जाते हैं और इसके चलते उन्हें मुसीबतें झेलनी पड़ती हैं। कई बार तकनीक के अभाव के चलते भी वह सीमा को लांघकर दूसरे देश के जल क्षेत्र में पहुंच जाते हैं।

नोट: अगर आपको यह खबर पसंद आई तो इसे शेयर करना न भूलें, देश-विदेश से जुड़ी ताजा अपडेट पाने के लिए कृपया The Lucknow Tribune के  Facebook  पेज को Like व Twitter पर Follow करना न भूलें...
Loading...
-------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- ---------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- ---------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- ---------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- ---------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- ---------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- ---------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- -----------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------
E-Paper