पुलिस वाले ने बचाई थी मासूम बच्ची की जान, 18 साल बाद लड़की जब बड़ी हो गई तब…!

जन्म देने वाले से पालने वाला बड़ा व्यक्ति माना जाता है, ये कहावत कभी सच होती भी दिखाई देती है. जब बच्चों को जन्म देने वाली मां याद नहीं रहती हैं और पालने वाला व्यक्ति याद रहता है. ऐसा ही कुछ 5 साल की उस लड़की के साथ हुआ जो 5 जून 1998 को भीषण आग में जल रही इमारतों में फंसी थी. 5 साल की बच्ची अपने चाचा के साथ एक घर में बंद थी. धूल-मिट्टी और आग ने घर को पूरी तरह से घेर रखा था. हादसे में बच्ची बेहोश हो चुकी थी, जब उसे होश आया तो उसने 18 साल पुरानी कहानी को ताजा कर दिया.

दरअसल घटना वाले दिन पीटर गेट्ज हार्टफोर्ड, कनेक्टिकट में एक गश्ती दल के रूप में काम कर रहे थे. उन्हें जैसे ही वाशिंगटन स्ट्रीट पर चार के रेडियो पर आग लगने की एक खबर मिली वो भागते हुए घटना स्थल पर पहुंचे. उन्होंने आग से जल रही इमारत में से कई लोगों को बाहर निकाला. वो जब उस घर में पहुंचे जहां 5 साल की अपोंटे बेहोश पड़ी थी. गेट्स को और लोगों को भी निकालना था लेकिन उनके दोस्तों ने अपोंटे को आग से निकालकर गेट्स के हाथों में छोड़ दिया था.

गेट्स और अपोंटे की तस्वीर भी कैमरे में कैद हो चुकी थी जब वो बेहोश पड़ी अपोंटे को गोद में लिये हैं. गेट्ज ने सीपीआर देकर अपोंटे के निर्जीव पड़े शरीर में जान डाल दी थी। गेट्ज के एक साथी ने जल्दी की और अपोंटे को हार्टफोर्ड हॉस्पिटल पहुँचाया. गेट्स ने कार में पिछली सीट पर लेटी अपोंटे को तब तक सीपीआर से जिंदा रखा जब तक वो अस्पताल नहीं पहुंच गईं.

इलाज के बाद अपोंटे को होश आया तो गेट्स ने उसकी मदद करके उसके परिवार तक पहुंचाया. गेट्स ने उसे एक टैडी भी दिया जिसे अपोंटे अब तक संभालकर रखा था. गेट्स ने आग में जले घरों की मदद करके घरों में फर्नीचर दिया. 18 साल तक अपोंटे गेट्स को भूली नहीं थी. 18 साल बाद अपोंटे ने सोशल मीडिया की मदद से गेट्स को ढूंढा और अपनी बात को शेयर किया. आज गेट्स और अपोंटे अक्सर मिलते हैं और खुश रहते हैं.

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