पूर्व डीजीपी समेत पांच के खाते से उड़ाए 5.71 लाख

लखनऊ: राजधानी में जालसाजों ने पूर्व डीजीपी समेत पांच लोगों के खाते से 5.71 लाख रुपये पार कर दिये। साइबर ठगी के उक्त मामले गोमतीनगर, गाजीपुर, मड़ियांव व गुडम्बा थाना क्षेत्र में हुए। कहीं जालसाज ने क्लोन बनाया तो कहीं बैंक अधिकारी बनकर ठगी की गयी। पुलिस पांचों मामलों को दर्ज कर साइबर क्राइम सेल की मदद स पड़ताल कर रही है। विशालखण्ड-3 में पूर्व डीजीपी एसवीएम त्रिपाठी परिवार के साथ रहते हैं। त्रिपाठी ने शुक्रवार को गोमतीनगर थाने में धोखाधड़ी व आईटी एक्ट की रिपोर्ट दर्ज करायी है। उनका कहना है कि बीते 21 जुलाई को उनके पास एक कॉल आयी। फोन के पीछे मौजूद युवती ने खुद को एसबीआई कर्मी बताते हुए पुराने क्रेडिट कार्ड के बदले नया कार्ड जारी करने का झांसा देकर कार्ड संबंधी जानकारी हासिल की और फिर खाते से 8010 रुपये निकाल लिए।

जानकारी करने पर पता चला कि रुपये मुम्बई से निकले हैं। उन्होंने महाराष्ट्र के पूर्व डीजीपी एवी कृष्णन से मदद मांगी। इसके बाद उन्होंने आईजी एटीएस असीम अरुण को भी शिकायती पत्र दिया। वहीं, इन्दिरानगर के सी-ब्लॉक निवासी राकेश शर्मा का बचत खाता बैंक ऑफ इण्डिया इन्दिरानगर शाखा में है। बुधवार की सुबह उनकी पत्नी के मोबाइल पर एक कॉल आयी। फोनकर्ता ने बैंक अधिकारी बनकर खाता संबंधी जानकारी हासिल की और फिर राकेश के खाते से 80 हजार रुपये पार कर दिये। राकेश शर्मा ने बैंक को सूचना देने के साथ ही गुरुवार को गाजीपुर थाने में रिपोर्ट दर्ज करायी।

उधर, मड़ियांव के फैजुल्लागंज स्थित श्याम विहार कालोनी में रहने वाली सरला वर्मा का बचत खाता यूनियन बैंक कपूरथला व इण्डियन ओवरसीज बैंक आईटी चौराहे पर है। बीते मंगलवार की शाम बैंककर्मी बनकर जालसाज ने कहा कि आपके दोनों खाते बंद कर रुपये सरकारी खाते में ट्रांसफर कर दी जाएगी। झांसा देकर दोनों एटीएम के पीछे लिखा तीन डिजीट का नम्बर हासिल कर खातों से 2.97 लाख रुपये उड़ा लिए। पीड़िता का कहना है कि यूनियन बैंक से 1,42,500 रुपये व इण्डियन ओवरसीज से 1,54,575 रुपये निकले हैं। पुलिस ने गुरुवार को रिपोर्ट दर्ज करायी है।

इसके अलावा इन्दिरा नगर सेक्टर-21 निवासी आलोक कुमार सिंह का बचत खाता लविवि के न्यू कैम्पस स्थित स्टेट बैंक ऑफ इण्डिया में है। उनका कहना है कि जालसाज ने बीते 7 दिसम्बर को खाते से 80 हजार व 25 दिसम्बर को 40 हजार रुपये निकाल लिए। शुरुआती पड़ताल में सामने आया कि जालसाजों ने क्लोन बनाकर रकम पार की है। गाजीपुर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर ली है। वहीं, गुडम्बा के कल्याणपुर कंचना विहारी मार्ग निवासी संजीव कुमार वर्मा के मोबाइल पर बीते 19 नवम्बर को एक फोन आया।

फोनकर्ता ने आरबीआई बैंक का कर्मचारी बनकर खाता संबंधी जानकारी हासिल की और 66,450 रुपये निकाल लिए। पीड़ित ने उसी दिन मामले की शिकायत साइबर क्राइम सेल में की। पीड़ित ने गुरुवार को मामले की शिकायत गुडम्बा थाने में की। पीड़ित ने फोनकर्ता मुकेश शर्मा के खिलाफ धोखाधड़ी व अमानत में खयानत की रिपोर्ट दर्ज कर ली है।

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