प्रसिद्ध अर्थशास्त्री ज्यां द्रेज झारखण्ड में गिरफ्तार, कहा- आजादियों को कम किया जा रहा है

दिल्ली ब्यूरो: प्रसिद्ध अर्थशास्त्री ज्यां द्रेज को झारखंड के गढ़वा में गिरफ़्तार किया गया । गिरफ्तारी के बाद उन्हें विशुनपुरा पुलिस स्टेशन ले जाया गया जहां बाद में उन्हें छोड़ दिया गया। बताया जा रहा है कि ज्यां ‘भोजन के अधिकार’ को लेकर एक बैठक का आयोजन कर रहे थे। इसी मामले में उनकी गिरफ़्तारी हुई है। बता दें कि ज्यां द्रेज एक अर्थशास्त्री हैं जो भारत में भूख, महिलाओं के मुद्दे, बच्चों का स्वास्थ्य, शिक्षा और स्त्री-पुरूष के अधिकारों की समानता के लिए काम करते हैं। हालांकि, पुलिस ने ज्यां द्रेज के ऊपर कौन सी धाराएं लगाई हैं, इसका पता नहीं चल सका है।

पुलिस ने उनके साथ उनके दो और साथियों को भी हिरासत में लिया था। पुलिस का कहना था कि इस बैठक के लिए प्रशासन से अनुमति नहीं ली गई थी। हालांकि ज्यां द्रेज ने पुलिस हिरासत से छूटने के स्पष्ट के बाद स्पष्ट किया कि उन्होंने इस बैठक के लिए दस दिन पहले आवेदन दिया था लेकिन प्रशासन के तरफ़ से कोई जवाब नहीं दिया गया। उन्होंने कहा “प्रशासन से हमारी नाराज़गी है कि दस दिन पहले लिखित आवेदन देने के बाद भी जवाब नहीं आया। न अनुमति दिया गया और न मना किया गया।

उन्होंने कहा ”मुझे लगता है कि चुनाव के समय इस प्रकार के अराजनैतिक बैठक बहुत ज़रूरी है। और ऐसा कोड ऑफ़ कन्डक्ट में कहीं नहीं लिखा है कि इस तरह के बैठक की अनुमति नहीं दी जा सकती। कल रात भी हमने एक गांव में एक बैठक की थी पर उसके लिए अनुमति हमने नहीं मांगी और न प्रशासन द्वारा उसे रोका गया।”

ज्यां द्रेज ने आगे कहा कि “भारत में लोकतंत्र की समझ सिकुड़ता जा रहा है। चुनाव के समय लोगों को अपनी बात रखना बहुत ज़रूरी है। और चुनाव के समय शांति से गैरराजनीतिक बैठक करने का मौक़ा होना चाहिए। लेकिन धीरे-धीरे सारी आज़ादियों को कम किया जा रहा है। मुद्दा यही है।” बता दें कि अर्थशास्त्री ज्यां द्रेज भारत में भोजन के अधिकार जैसे अहम मुद्दा पर काम कर रहे हैं। इसके साथ ही वे रांची विश्वविद्यालय में अतिथि प्रोफेसर हैं।

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