फ्लाई ओवर हादसा: बीएचयू पोस्टमार्टम हाउस में सौदेबाजी पर परिजन फफके

Published: 16/05/2018 1:28 PM

वाराणसी: लहरतारा कैंट स्टेशन मार्ग पर मंगलवार की शाम हुए फ्लाईओवर हादसे के दूसरे दिन बुधवार को बीएचयू पोस्टमार्टम हाउस पर लाशों पर सौदेबाजी का शर्मनाक मामला प्रकाश में आया है। आरोप है कि पंचनामा के बाद लाशों का पोस्टमार्टम कराने के नाम पर वहां काम करने वाले कर्मचारियों ने एक लाश पर 300 रुपये देने की मांग की गई। रुपये न देने पर कर्मचारियों ने लाश को जमीन पर ही छोड़ दिया। बाद में परिजनों को रोते देख वहां मौजूद लोगों के हस्तक्षेप पर मामला तय हुआ तब जाकर लाशों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।

एक प्रत्यक्षदर्शी जौनपुर के जीतेन्द्र यादव ने इसका वीडियो भी बना लिया। प्रत्यक्षदर्शी के अनुसार उसके रिश्तेदार भी हादसे में मारे गये। उनके शव का पोस्टमार्टम कराने के लिए आया है। आरोप लगाया कि यहां मानवता को शर्मसार करने का कार्य चल रहा है। प्रशासन के तरफ से भी कोई सहयोग नही मिला। इस सम्बन्ध में डीएम योगेश्वर राम मिश्र ने मीडिया ​कर्मियों से बातचीत में कहा कि ऐसी कोई बात नहीं है,अगर है तो जांच करा कर दोषियों के खिलाफ कार्यवाही होगी।

मीडिया से बातचीत के बाद डीएम एक्शन में आ गये। उन्होंने तत्काल प्रभाव से बीएचयू पोस्टमार्टम हाउस में तैनात सफाई कर्मी बनारसी को निलम्बित कर दिया और उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज करने का निर्देश लंका थाने को दिया। बताते चले पोस्टमार्टम हाउस या मोर्चरी हाउस में दुर्घटना,अपराधिक या फिर संदिग्ध मौतों में शवों के पंचनामा और पोस्टमार्टम के लिए कार्य करने वाले लोगों को सरकारी तौर पर कोई तनख्वाह या मदद नहीं मिलती। मिलती है तो भी नाममात्र की। यहां ज्यादातर इस काम को करने के लिए पुलिस कर्मी नशेड़ी या निजी आदमी से काम कराते हैं।

कर्मचारी लाशों को पंचनामा करने और पोस्टमार्टम का पैसा लेकर ही कार्य करते हैं। इस मामले में शर्मनाक पहलू है कि लाश के साथ ड्यूटी पर तैनात पुलिस कर्मी भी मृतकों के परिजनों से खर्चा पानी मांगते हैं। बीएचयू पोस्टर्माटम हाउस पर काम करने वाले कल्लू का कहना है कि हमें कोई वेतन नहीं मिलता। पैसे नही लेंगे तो खायेंगे क्या। इसमें मानवता की बात कहा से आ गई। शमशान घाट आग कफन का पैसा लगता है कि नहीं। बिना पैसे के लोग क्या चिता जला सकते हैं। हम बदबूबार लाशों का पंचनामा पोस्टमार्टम कराते हैं जहां उनके परिजन भी दूर रहते हैं।

अपनों की तलाश में भटकते रहे परिजन

फ्लाई ओवर हादसे में मृतकों और लापता लोगों के परिजन बुधवार को सुबह से ही अस्पतालों और मर्चरी हाउस का चक्कर काटते रहे। जिनके परिजन घायल अस्पताल में मिल गये उनको तो राहत रही। लेकिन जिनके परिजन मृत मिले वे दहाड़े मार कर रोते रहे। जिनके परिजन नहीं मिले वे उन्हें ढूंढने के लिए भटकते रहे।

मृतकों की संख्या को लेकर भी संशय

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हादसे में मारे गये लोगों और घायलों की संख्या को लेकर भी संशय की स्थिति बनी रही। हादसे के बाद आधी रात तक कोई प्रशासनिक अधिकारी न तो जल्दी फोन उठा रहे थे और नहीं संख्या की जानकारी दे रहे थे। इसका नतीजा रहा कि पूरे शहर में 30 से ज्यादा लोगों की चर्चा रही। बाद में एनडीआरएफ ने मृतकों की संख्या 18 बताया। देर शाम शहर में आये उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने मृतकों की संख्या 18 बताई तो मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 15 बताईं । पुलिस अफसर पहले 11 फिर बाद में 15 बताते रहे। जिला प्रशासन और शासन के इस रवैये से लोगों में खास कर पीड़ितों में जबरदस्त आक्रोश रहा।

फ्लाईओवर दुर्घटना को लेकर प्रधानमन्त्री से अपील

हादसे को लेकर सामाजिक संगठनों में भी आक्रोश व्याप्त है। साझा संस्कृति मंच के वल्लभाचार्य पांडेय ने प्रधानमंत्री और वाराणसी के सांसद नरेन्द्र मोदी से अपील किया की तेज गति से विकास करके आगामी लोकसभा चुनाव काम की बड़ी सूची दिखाने की होड़ में इतना तेज विकास नही चाहिए हमें। सब काम मार्च 2019 से पहले ही पूरा कर लेने की आप लोगों की जिद पता नहीं और अभी कितनी जिंदगियों को ले बीतेगी। वर्तमान में संचालित प्रायः सभी योजनायें जल्दीबाजी के चक्कर में घोर लापरवाही की शिकार हो रही हैं। विकास की तमाम परियोंजनायें एक साथ संचालित होने के कारण उनका समुचित निरीक्षण सम्बंधित अधिकारियों द्वारा नही संभव हो पा रहा है। मानकों की अनदेखी ऊर्जा गंगा, आर्इ्पीडीएस, ओवर ब्रिज, गंगा पाथवे आदि परियोजनाओं में संभावित बड़ी दुर्घटनाओं का कारण बन सकती है। आपसे अपील है सभी संचालित योजनाओं के मानको की कड़ी विवेचना कराई जाय।

हादसे में मृतकों की सूची

1-राम बहादुर सिंह (46) निवासी छपरा बिहार लहरतारा-रेलवे कैंसर अस्पताल
2-कुमार वैभव (15) पुत्र रामबहादुर सिंह निवासी छपरा बिहार-कैंसर अस्पताल
3-खुशहाल राम (60) निवासी सहेड़ी गाजीपुर-कैंसर अस्पताल
4-वीरेन्द्र यादव पुत्र केदार यादव बोलेरो चालक निवासी मुड़वल फत्तेउल्लापुर नंदगंज गाजीपुर-कैंसर अस्पताल
5-संजय राम पुत्र खुशहाल राम निवासी सहेड़ी गाजीपुर-बीएचयू ट्रामा सेंटर
6- भवानीशंकर निवासी अलीगढ़ एनडीआरएफ कर्मी अज्ञात-बीएचयू ट्रामा सेन्टर
7- सुदर्शन राम पुत्र श्यामदेव राम रमदत्तपुर कैंट वाराणसी-बीएचयू ट्रामा सेन्टर
8-राम मिलन चौहान पुत्र हरिनाथ निवासी मउ पांडेयपुर-जिला अस्पताल
9-शिवबचन राम पुत्र खुशहाल राम निवासी सहेड़ी गाजीपुर-कबीरचौरा मंडलीय अस्पताल
10-रामचन्द्र पुत्र विद्यादेवी निवासी ग्राम वंदनपुर जिला जौनपुर-मंडलीय अस्पताल
11-विद्या देवी पत्नि अज्ञात निवासी वंदनपुर खुटहन जौनपुर-मंडलीय अस्पताल
12-भैरोनाथ पुत्र श्यामराज निवासी हटवा रूदौली बस्ती-मंडलीय अस्पताल
13-सिकन्दर पुत्र रघुनाथ (25) निवासी भरौड़ा सरायख्वाजा जौनुपर-मंडलीय अस्पताल
14- रामचेत पुत्र रामदास (48) वर्ष निवासी वंदनपुर जौनपुर-हेरिटेज अस्पताल
15-रघुनाथ पुत्र रामस्वरूप (52) वर्ष निवासी भरौड़ा जौनपुर-हेरिटेज अस्पताल

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