फ्लैट खरीदते समय रहे सावधान नहीं तो….

कुछ दशकों से जमीन कम होने के कारण मल्टी स्टोरी फ्लैट्स बनाने का चलन तेजी से बढ़ा है। कुछ बिल्डर्स वास्तु के अनुसार फ्लैट बना रहे हैं, कुछ नहीं। गलत दिशा या वास्तु के प्रतिकूल फ्लैट, जीवन पर खराब प्रभाव डाल सकता है। बने-बनाए फ्लैट में आप वास्तु के मुताबिक बड़ा परिवर्तन भी नहीं कर सकते। उदाहरण के लिए अगर किचन की पोजीशन नॉर्थ-ईस्ट कॉर्नर है, तो इसे साउथ-ईस्ट (यह पोजिशन अच्छी होती है) में शिफ्ट करना काफी मुश्किल है। इसलिए फ्लैट खरीदते समय कुछ बातों का ध्यान अवश्य रखना चाहिए।

वास्तु के हिसाब से घर का रास्ता बेहद महत्वपूर्ण होता है। इंट्री उत्तर या पूर्व में होनी चाहिए। इससे दिन के ज्यादातर समय सूरज की रोशनी घर में आती है। बेडरूम दक्षिण-पश्चिम कोने में होना चाहिए। इस दिशा में बेडरूम बनाने से शांतिमय माहौल रहता है और नींद अच्छी आती है। बेडरूम का आकार चौकोर या आयताकार होना चाहिए। उत्तर-पूर्व या उत्तर-पश्चिम को बच्चों के बेडरूम के लिए सही बताया जाता है। यह ध्यान रखिए कि खिड़की उत्तर दिशा वाली दीवार में हो। इससे बेडरूम में पर्याप्त रोशनी आती रहेगी।

दक्षिण-पूर्व दिशा किचन के लिए सबसे सही है, जबकि खाना पकाते वक्त पूर्व दिशा में खड़ा होना चाहिए। यह भी याद रखना चाहिए कि किचन मेन गेट के सामने न हो। टॉयलेट/ रेस्टरूम शांत जगह पर होना चाहिए। इसे उत्तर-पश्चिम कोने या दक्षिण-पूर्व कोने में बनाना चाहिए। ध्यान रखें कि पूजा घर, किचन और बाथरूम आसपास न हों। अगर आप भी फ्लैट खरीदने का मन बना रहे हैं तो सबसे पहले उसका वास्तु चेक करें। वास्तु दोष होने पर फ्लैट खरीदना अक्सर नुकसान का कारण बनता है।

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