बजट से बनेगा भविष्य, जानिए एक्सपर्ट्स की नजर से

लखनऊ: लखनऊ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स सोसाइटी के सानिध्य में गोमतीनगर स्थित पर्यटन भवन में बजट 2019-20 की समीक्षा की गई। इसमें बजट के अच्छे-बुरे पहलुओं पर मंथन किया गया। इसमें निष्कर्ष निकला कि बजट से एक ओर जहां देश को लाभ होगा वहीं, कर भुगतान के परिपेक्ष में कुछ ठोस कदम उठाने की जरूरत है। प्रधान मुख्य आयुक्त आयकर एवं यूपी और उत्तराखंड के डीजीआईटी (इन्वेस्टिगेशन) प्रवीण कुमार का कहना है कि बजट कृषि क्षेत्र और मिडिल इनकम ग्रुप के लिए खासा लाभकारी होगा। लेकिन जिस तरह कुछ प्रावधान लिखे गए हैं, वे सही नहीं हैं।

बॉम्बे चार्टर्ड अकाउंटेंट सोसाइटी के पूर्व अध्यक्ष गौतम नायक ने कहा कि न केवल करदाता, बल्कि कर वसूली से जुड़े लोगों को भी कर संबंधी पूर्णत: जानकारी होनी चाहिए। इसके अलावा आज के ऑनलाइन युग में कानून को और पारदर्शी बनाना जरूरी है। नायक बताते हैं कि अक्सर 2 फीसदी लोग कानून की आंख में धूल झोंकते हैं और वही बच जाते हैं। 98 फीसदी लोग इस काले खेल की भरपाई करते हैं। बतौर चार्टर्ड अकाउंटेंट नायक इस बात से पूरी तरह सहमत हैं कि बजट में बेनामी लेनदेन, कड़ी निगरानी और पेनाल्टी के मामले में प्रभावी कदम उठाए गए हैं।

हालांकि उनका मानना है कि बड़ी रकम की नगद लेनदेन पर नकेल कसना जरूरी है। नायक मानते हैं कि रुपए और डॉलर के बेहतर सामंजस्य को कोई भी बजट नजरअंदाज नहीं कर सकता। नायक ने स्टार्टअप्स, बायबैक डिस्ट्रिब्यूशन बिजनेस, कैपिटल गेंस, लेनदेन पर छूट समेत कई मसलों पर अपनी बात रखी। गिरती हुए व्यापारिक गतिविधियों के मद्देनजर नायक मानते हैं कि स्टार्टअप्स के लिए पिछले कुछ साल काफी परेशानी का कारण रहे हैं।

प्रवीण कुमार ने कहा कि कर को सही तरह से वसूला जाए। इसके लिए देशवासियों को भी संजीदा होना पड़ेगा। एलएसीएस के अध्यक्ष आरएल वाजपेयी ने कहा कि इस बार का बजट देश में एक अजीब जिज्ञासा जगा रहा है। मिली-जुली प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। मिडिल क्लास, कारोबारी और कृषि से जुड़े लोगों ने चैन की सांस ली हैं। उम्मीदें बढ़ी हैं कि प्रदेश और केंद्र में बेहतर तालमेल बनेगा।

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