बड़ा बेदर्द है कमर दर्द

लंबे समय तक बैठे रहने के कारण, बैठने-उठने के गलत तरीके और व्यायाम न करने के कारण कमर दर्द एक आम समस्या बन गई है। यह समस्या अब बढ़ी उम्र में ही नहीं, बल्कि किसी भी उम्र में होना आम हो गई है। कमर दर्द होने से आपकी रोजमर्रा की जिंदगी में भी समस्याएं आ सकती हैं। इस बीमारी से दूर रहने के उपाय बता रही हैं आशाश्री

कमर का दर्द काफी परेशान करने वाला होता है। इससे उठने-बैठने के साथ सोने में भी परेशानी का अनुभव होता है। कमर दर्द इस बात पर निर्भर करता है कि हमारी पीठ की हड्डियां, मांसपेशियां और लिगामेंट्स किस तरह काम करते हैं और किस तरह एक-दूसरे से जुड़े होते हैं। वयस्कों में कमर दर्द हर दिन की गतिविधियों या बैठने-उठने के गलत तरीकों के कारण हो सकता है जैसे- कंप्यूटर का इस्तेमाल करने के दौरान सही तरीके से न बैठना, अजीबोगरीब तरीके से मुडऩा, किसी सामान को धक्का देना, खींचना या उठाना और लंबे समय तक खड़े रहना। इसके अलावा किशोरों और कम उम्र के लोगों की शारीरिक बनावट लचीली होती है, उनमें वयस्कों की तरह कमर दर्द की समस्या आम नहीं होती है। बच्चों के मामले में, भारी बैग उठाने, सही तरीके से नहीं सोने, खेल-कूद के दौरान लगने वाली चोट उनमें कमर दर्द का कारण बन सकते हैं।

एक आंकड़े के मुताबिक, 32 फीसदी लोग दस घंटे से भी अधिक समय ऑफिस में बैठकर काम करते हैं। इनमें से आधे लोग अपनी सीट खाने के समय भी नहीं छोड़ पाते, जबकि दो तिहाई लोग घर पर भी बैठकर ही काम करते हैं। अगर आप ऑफिस में काम करने के दौरान कई घंटे बैठे रहते हैं, तो आपका शरीर अकड़ जाता है, जिसके चलते कंधे और गर्दन में दर्द होने लगता है। वास्तव में कमर हमारी गर्दन से शुरू होती है, जो 33 हड्डियों से मिलकर बनी है। कमर दर्द जिंदगी में एक बार सभी को होता है। उम्र के साथ यह दर्द बढ़ता जाता है। कमर के किसी भी हिस्से से दर्द आ सकता है। एक वक्त के बाद डॉक्टरी मदद जरूरी हो जाती है। इसके अलावा कमर दर्द के कारणों में मानसिक तनाव देने वाले काम, डिप्रेशन या बेचैनी, गर्भावस्था, धूम्रपान, शराब का सेवन और सोने-जगने का अनियमित समय, मोटापा जैसे फैक्टर भी शामिल हैं।

कमर दर्द से बचने के उपाय

– भारी चीजों या किसी सामान को नीचे से उठाते समय अपनी उम्र के अनुसार, पहले घुटने को झुकाकर फिर उठाना चाहिए।
– कार चलाते समय सीट सख्त होनी चाहिए, साथ ही बैठने का पॉश्चर भी सही रखें।
– पेट के बल नहीं सोना चाहिए। करवट लेकर सोते समय घुटने को थोड़ा मोड़कर सोना चाहिए।
– सुबह हमारी शारीरिक गतिविधियां अपेक्षाकृत ज्यादा होती हैं, क्योंकि इस दौरान हम उठने-बैठने के मामले में पूरी तरह सक्रिय रहते हैं। जैसे-जैसे दिन बीतता जाता है, हमारा शरीर थकान के चलते झुकता चला जाता है, जिससे कमर दर्द की शिकायत बढ़ जाती है। इसलिए हर एक घंटे का अलार्म लगा कर रखें, जिसके बजते ही आप यह चेक कर सकते हैं कि आप सही तरीके से बैठे हैं या नहीं।
– ऑफिस में काम करते समय कभी भी पीठ के सहारे न बैठें। अपनी पीठ को कुर्सी पर इस तरह टिकाएं कि यह हमेशा सीधी रहे। गर्दन को सीधा रखने के लिए कुर्सी में पीछे की ओर मोटा तौलिया मोड़ कर लगा सकते हैं।
– हर आधे से एक घंटे के बीच एक मिनट के लिए जरूर खड़े हों। इस बीच हाथ-पैरों को झटकें और शरीर को थोड़ा बहुत हिलाएं। इसके अलावा बीच-बीच में थोड़ा टहल भी लें या फिर अपने बैठने की अवस्था बदल लें।
– यदि संभव हो सके तो काम के बीच में कुछ मिनट के लिए स्विस बॉल या जिम बॉल में बैठें। इससे कमर व पीठ दर्द में राहत मिलेगी।
– अगर आपकी मांसपेशियां सख्त हैं और आपके कभी अचानक उठने पर तेजी से दर्द का होना और लंबे समय तक बने रहना आम बात है, तो इसके लिए अपनी मांसपेशियों को नरम बनाने की कोशिश करें। इस कोशिश के तहत खिंचाव से जुड़े व्यायाम करें।

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