बाबा विश्वनाथ का 350 वर्ष प्राचीन रजत सिंहासन मलबे मे दबकर क्षतिग्रस्त

वाराणसी। काशी विश्वनाथ मंदिर के महंत डॉ कुलपति तिवारी के आवास का एक हिस्सा गिरने से बाबा विश्वनाथ का रजत सिंहासन क्षतिग्रस्त हो गया। साथ ही रंगभरी एकदशी पर पर बाबा के ऊपर लगाया जाने वाला रजत छत्तर भी क्षतिग्रस्त हो गया। इस सूचना पर महंत के आवास पर भक्तों की भीड़ इकट्ठा हो गयी। इसके अलावा रंगभरी एकादशी का मंच भी क्षतिग्रस्त हुआ है।

महंत परिवार ने बताया कि मकान से सटे हुए मकान को मंदिर प्रशासन द्वारा तोड़ा जा रहा है। जेसीबी की धमक से महंत आवास का यह हिस्सा गिरा है।

इस संबंध में महंत डॉ कुलपति तिवारी के पुत्र कुमार ने बताया कि आज सुबह पांच बजे के करीब किचन में चाय बनाने जा रहा था। उसी समय घर का वह कमरा गिर गया जिसमे बाबा विश्वनाथ की चल पंचबदन रजत प्रतिमा, रजत सिंहासन और छत्तर रखा हुआ था। इस कारण रंगभरी एकादशी का मंच, रजत सिंहासन और छत्तर मलबे में दब के क्षतिग्रस्त हो गए।

कुमार ने बताया कि बगल के मकान को भी विश्वनाथ मंदिर कॉरिडोर के लिए अधिग्रहित किया गया है और हमारे मकान को भी। हमें रंगभरी एकदशी तक की मोहलत दी गयी है। इसके अलावा अन्य मकानों को तोड़ने का कार्य चल रहा है। इसी क्रम में कल रात से मकान से सटे हुए मकान में तोड़फोड़ का कार्य चल रहा था। होने ठेकेदार और मंदिर प्रशासन ने इस मकान को तोड़ने में जेसीबी न लगाने की बात कही थी क्योंकि हमारा मकान जर्जर है पर ठेकेदार ने जेसीबी से कार्य शुरू कराया और उसकी वजह से मकान का यह हिस्सा गिर गया।

इस घटना के बाद महंत डॉ कुलपति तिवारी ने किसी से भी बातचीत करने से मना कर दिया है।

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