बार-बार टॉयलेट जाना सही है या गलत? अगर एक दिन में इतनी बार टॉयलेट जाते हैं तो हो जायें सावधान

लखनऊ: शरीर में अच्छा खाना-पीना पहुंचाना जितना ही जरूरी है उतना ही जरूरी शरीर से गंदे बैक्टीरियां को निकालना और ये बैक्टीरियां मल और मूत्र से ही निकाले जा सकते हैं. पेट संबंधित समस्या की वजह से अक्सर लोगों के शरीर से गंदे बैक्टीरिया निकल नहीं पाते हैं और उन्हें कई तरह की बीमारियां हो जाती हैं, लेकिन क्या आपको पता है कि मूत्र की वजह से भी कई परेशानी बढ़ जाती हैं. बार-बार टॉयलेट जाना या फिर दिनभर में सिर्फ 2 या तीन बार टॉयलेट जाना भी एक बड़ी समस्या बन जाती है. अगर आपने अपने टॉयलेट जाने के टाइम को नोटिस नहीं किया है तो जरूर करें.

आपको बता दें एक सामान्य व्यक्ति के लिए एक दिन में 6 से 8 बार टॉयलेट जाना नॉर्मल बात है लेकिन अगर इससे कम या ज्यादा होता है तो समझ जायें कुछ दिक्कत बनने लगी है. कम पानी पीने से भी टॉयलेट कम आती है या फिर अगर आप टॉयलेट को ज्यादादेर तक रोकते हैं तो कैंसर जैसी समस्या बन जाती है और किडनी पर भी बुरा असर पड़ता है. वहीं अगर बार-बार टॉयलेट जाना पड़ रहा है तो डायबिटीज और ब्लड प्रेशर की समस्या बढ़ने का संकेत देता है.

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प्रेग्नेंसी के दौरान भी महिलाओं को बार-बार टॉयलेट आती है लेकिन एक सामान्य औसत से ज्यादा बार टॉयलेट आती है तो डॉक्टर की जरूर सलाह लें. इसके अलावा बार-बार पेशाब आने का एक कारण यूरिन इंफेक्शन भी हो सकता है. बार-बार पेशाब आने के साथ जलन और खून आना भी खतरनाक बीमारी का संकेत देता है.

इस समस्या से बचने के लिए आपको ज्यादा मात्रा में पानी पीना चाहिए, ताकि गंदे बैक्टीरिया जल्दी निकल जाएं. दही, पालक, तिल, अलसी, मेथी की सब्जी का सेवन करें. सूखे आंवले को पीसकर इसका चूर्ण बना लें और इसमें गुड़ मिलाकर खाएं. अनार के छिलकों को सुखा लें और इसे पीसकर चूर्ण बना लें. मसूर की दाल, अंकुरित अनाज, गाजर का जूस एवं अंगूर का सेवन भी इस समस्या के लिए एक कारगर उपाय है.

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