बुआ-बबुआ ने बनवाए बंगले, गरीबों से हुए दूर : पीएम मोदी

मऊ: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने यहां चुनावी सभा में सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव और बसपा सुप्रीमो मायावती पर गरीब जनता से दूर होने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार गरीबों के लिए काम करती है, जबकि बुआ-बबुआ गरीबों से कोसों दूर हैं। बुआ-बबुआ ने बंगले बनवाए और गरीबों से दूर हो गए। उन्होंने कहा कि अब बुआ हो या बबुआ हो, इन लोगों ने खुद को गरीबों से इतना दूर कर लिया है। इन्होंने अपने आसपास पैसे की, वैभव की और अपने दरबारियों की इतनी बड़ी दीवार खड़ी कर ली है की अब इन्हें गरीबों का दुःख नजर नहीं आता।

उन्होंने वाराणसी-गोरखपुर नेशनल हाइवे के किनारे सिविल लाइंस भुजौटी में आयोजित जनसभा में कहा कि उत्तर प्रदेश में सपा बसपा ने जाति के आधार पर एक अवसरवादी गठबंधन किया। लखनऊ में एसी कमरों में बैठकर तो डील हो गई, लेकिन जमीन से कटे हुए ये नेता अपने कार्यकर्ताओं को भूल गए। इन लोगों के कुछ जातियों को अपना गुलाम समझ लिया था, 2014 में पहली बार समझने और 2017 में दूसरी बार समझाने के बाद उत्तर प्रदेश के लोग 2019 में अच्छे से समझाने जा रहे हैं कि जातियां किसी की गुलाम नहीं हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि जो महामिलावटी महीने भर पहले तक मोदी हटाओ का राग अलाप रहे थे, वो आज बौखलाए हैं। उनकी पराजय पर देश ने मुहर लगा दी है। उत्तर प्रदेश ने तो इनका सारा गुणा गणित ही बिगाड़ दिया है। मोदी हटाओ का नारा तो महामिलावटियों का बहाना था। असल में इन्हें अपने अपने भ्रष्टाचार के पाप को छिपाना था, इसलिए ये कोशिश कर रहे हैं कि देश में जैसे-तैसे खिचड़ी सरकार बन जाए। ये एक मजबूर सरकार चाहते थे, जिसे वो अपनी जरूरत के हिसाब से ब्लैकमेल कर सकें।

प्रधानमंत्री ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर हमलावर होते हुए कहा कि वह मोदी को अपना प्रधानमंत्री नहीं मानती हैं। ममता बनर्जी तो पाकिस्तान के पीएम को अपना प्रधानमंत्री मानती हैं।
उन्होंने कहा कि टीएमसी के गुंडों का वश चले तो मेरा भी हेलीकॉप्टर बंगाल में ना उतरने दे। आज मैं जनसभा करने पश्चिम बंगाल में जा रहा हूं, देखता हूं कि दीदी आज क्या करती हैं।

नोट: अगर आपको यह खबर पसंद आई तो इसे शेयर करना न भूलें, देश-विदेश से जुड़ी ताजा अपडेट पाने के लिए कृपया The Lucknow Tribune के  Facebook  पेज को Like व Twitter पर Follow करना न भूलें...
Loading...
-------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- ---------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- ---------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- ------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------
E-Paper