ब्लडप्रेशर ना करें नजरअंदाज, इन लक्षणों से पहचानें

नई दिल्ली : बदलती लाइफ स्टाइल के कारण महिलाओं में डायबिटीज, वजन का बढ़ना, थायरॉयड, अर्थराइटिस जैसी बीमारियां आम हैं। इसके अलावा ब्लरड प्रेशर भी महिलाओं में होने वाली आम समस्या है, जिसमें हाई और लो दोनों तरह का ब्लआड प्रेशर शामिल है। खान-पान की गलत आदतें, स्ट्रे्स लेना, एक्सर साइज ना करना और बॉडी में सोडियम इस समस्या का मुख्य कारण है। इसे साइलेंट किलर के नाम से भी जाना जाता है, क्यों्कि शुरुआत में कोई भी लक्षण आसानी से दिखाई नहीं देता है। इसके लक्षणों के बारे में जानकारी होना बेहद जरूरी है, जिससे समय पर इस समस्याण से आसानी से बचा जा सकें। कुछ शारीरिक बदलाव से आप आसानी से बॉडी में हाई या लो बीपी के बारे में जानकारी ले सकती हैं। इन बदलाओं को महसूस होने पर डॉक्टर को दिखाएं।

हाई ब्लड प्रेशर के लक्षण
हाई ब्ल ड प्रेशर को हाइपरटेंशन भी कहते हैं। समय पर जानकारी से इसे कंट्रोल किया जा सकता है, इस समस्या में बॉडी के अन्य‍ अंगों को नुकसान होने लगता है। यह बीमारी किसी भी उम्र के व्यक्ति को हो सकती है। हाइपरटेंशन या हाई ब्ल्ड प्रेशर, एक क्रोनिक मेडिकल कंडीशन है, जिसमें धमनियों में ब्लीड का प्रेशर बढ़ जाता है। प्रेशर बढ़ने के कारण, ब्लपड की धमनियों में ब्लंड सर्कुलेशन को बनाए रखने के लिए हार्ट को नॉर्मल से अधिक काम करना पड़ता है। आमतौर पर 120/80 को नॉर्मल ब्लड प्रेशर माना जाता है, लेकिन अगर इसका लेवल इससे ज्यादा होने लगे तो उसे हाई ब्लरड प्रेशर माना जाता है।

लो ब्लईड प्रेशर
ज्या्दातर लोग हाई ब्लमड प्रेशर और उससे जुड़े खतरे को लेकर परेशान रहते हैं, लेकिन लो ब्लड प्रेशर भी हमारे लिए खतरनाक हो सकता है, जिसके बारे में लोगों को जानकारी नहीं है। आमतौर पर 120/80 को नॉर्मल ब्लड प्रेशर माना जाता है, लेकिन अगर इसका लेवल इससे कम होने लगे तो इसे लो ब्लड प्रेशर माना जाता है। लो ब्लड प्रेशर को हाइपोटेंशन भी कहा जाता है, इसमें धमनियों में ब्ल ड का प्रेशर असामान्य रूप से कम हो जाता है।

हाई बीपी में शारीर में ये बदलाव होते हैं… 
सिर में तेज दर्द होना।
सीने में भारीपन और दर्द।
हमेशा थकावट और तनाव महसूस होना।
घबराहट महसूस होना।
चेहरा और हाथ पैर अचानक सुन्न हो जाना।
कमजोर महसूस होना और धुंधला दिखाई देना।
बोलने या समझने में कठिनाई।
सांस लेने में परेशानी।

लो बीपी में शरीर में बदलाव आते हैं… 
भूख न लगना ।
आंखों में लालिमा।
सांसे तेज होने लगना।
धड़कने बढ़ जाना।
डिप्रेशन, थकान और निराशा।
अचानक बेचैनी और जी मचलने लगना और प्यास महसूस होना।
त्वचा में पीलापन आना।
धुंधला दिखाई देना।

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