भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा में शमिल हुए दस लाख से अधिक श्रद्धालु

भुवनेश्वर: पुरी में श्रीजगन्नाथजी के इस साल की रथयात्रा को देखने के लिए दस लाख से अधिक श्रद्धालु मौजूद हैं। रथयात्रा से पूर्व की रीति नीति संपन्न होने के बाद निर्धारित समय से पूर्व तीनों रथों के खींचने की प्रक्रिया शुरू हो गई है।

सुबह 9.30 बजे मंदिर से महाप्रभु श्रीजगन्नाथ, बलभद्र व देवी सुभद्रा के साथ साथ महाप्रभु सुदर्शन को पहंडी के जरिये रथों तक लाया गया। महाप्रभु श्रीजगन्नाथ जी को नंदीघोष, बलभद्र को तालध्वज व देवी सुभद्रा को उनका रथ देवदलन में बैठाया गया। शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती अपने साधकों के साथ रथ पर भगवान जगन्नाथ के दर्शन व पूजा-र्चना की। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार महाप्रभु श्रीजगन्नाथ के आद्यसेवक तथा पुरी के गजपति महाराज अपने महल से पहुंच कर छेरा पहँरा की नीति संपन्न किया।

निर्धारित समय से काफी पहले 2.35 बजे भगवान बलभद्र के रथ तालध्वज को खींचना शुरू किया गया। इसके थोड़ी दूर जाने के बाद देवदलन व नंदिघोष रथ को भी खींचना शुरू किया गया। इस दौरान हरिबोल, शंख ध्वनी व घंट की ध्वनी सुनायी दे रही थी। संयोग से बारिश भी हुई, लेकिन श्रद्धालु भगवान के दर्शन के लिए डटे रहे।

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