भाजपा ने जानवरों के नाम पर बनाई सरकार: अखिलेश

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव महोबा के करहरा गांव पहुंचे। इस दौरान उन्होंने प्रदेश सरकार पर जमकर निशाना साधा। भाजपा ने जानवरों के नाम पर सरकार बना ली और किसानों को धोखा दिया है। इस मौके पर उन्होंने आग लगाकर जान देने वाले दलित किसान ठाकुरदास अहिरवार और राजबहादुर श्रीवास के परिजनों से मुलाकात कर उनकी समस्याओं को सुना।

उन्होंने कहा कि सपा ने हमेशा किसानों की मदद की है। सरकार को भी ऐसे किसान परिवारों की किसान दुर्घटना बीमा से मदद करनी चाहिए। केंद्र की बीजेपी सरकार किसानों की आय दोगुनी करने का दावा कर रही है लेकिन 2014 से जिले में सूखे के कारण किसानों की मौते रुक नहीं रही है।

अखिलेश ने कहा कि किसान परिवार की मदद की जाएगी। एक-एक लाख इन्हे पार्टी फंड से दिया जाएगा, अभी 25-25 हजार रुपये दिए गए हैं। अलबत्ता किसान क्रेडिट कार्ड से बैंक कर्मियों की पर्सनल क्रेडिट खूब बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि सपा सभी दलों को साथ लेकर चल रही है। सभी छोटे दल साथ आ चुके हैं। भाजपा ने तो देश में 45 गठबंधन किए, हम तो 7-8 ही कर रहे है।

सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि भाजपा की उल्टी गिनती शुरू हो गयी है। अब देश में 2019 के बाद से गठबन्धन की ही सरकार चलेगी। उच्चतम न्यायालय ने लोकतंत्र की रक्षा की है। अखिलेश ने कहा कि 2019 में क्या गठबंधन होगा, आपको पता लग जाएगा। हम सब मिलकर भारतीय जनता पार्टी को रोकेंगे। बसपा भी हमारे साथ आ रही है। अबकी बार जनता बाहर निकलकर वोट कर भाजपा को जवाब देगी।

नोट: अगर आपको यह खबर पसंद आई तो इसे शेयर करना न भूलें, देश-विदेश से जुड़ी ताजा अपडेट पाने के लिए कृपया The Lucknow Tribune के  Facebook  पेज को Like व Twitter पर Follow करना न भूलें...
Loading...
-------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- ---------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- ---------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- ---------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- ---------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- ---------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- ----------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------
E-Paper