भाजपा ने तय किया तिहत्तर प्लस का लक्ष्य, पदाधिकारियों के कसे गये पेंच

लखनऊ ब्यूरो। भारतीय जनता पार्टी राजनीतिक दृष्टि से सर्वाधिक महत्वपूर्ण उत्तर प्रदेश में तिहत्तर प्लस का लक्ष्य लेकर चल रही है। भाजपा ने पदयात्राओं और दलित सम्मेलनों के जरिये आम लोगों में पार्टी की पैठ बढ़ाने के लिये रणनीति बनानी शुरू कर दी है।

भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष महेन्द्र पाण्डेय की अध्यक्षता और महामंत्री संगठन सुनील बंसल की मौजूदगी में पदाधिकारियों की सोमवार को हुई मैराथन बैठक में पदयात्राओं ओर दलित सम्मेलन के साथ ही कुछ अन्य मुद्दों पर भी चर्चा हुर्ई।

बैठक में राम मंदिर निर्माण मुद्दे पर भी विचार विमर्श हुआ। बैठक में शामिल एक पदाधिकारी का मत था कि अयोध्या में आगामी 25 नवम्बर को आयोजित धर्मसभा में कार्यकर्ताओं की भागीदारी सुनिश्चित की जाये। हालांकि इस पर हुये निर्णय की तत्काल जानकारी नहीं हो सकी।

21 नवम्बर से दो दिसम्बर तक दलितों का जातिवार सम्मेलन

गत 27 अगस्त से करीब एक महीने तक पिछड़ी जातियों का सम्मेलन कर चुकी भाजपा आगामी 21 नवम्बर से दो दिसम्बर तक दलितों का जातिवार सम्मेलन कराने जा रही है। इसके बाद 15 से 31 दिसम्बर के बीच सभी चार सौ तीन वि​धानसभा क्षेत्रों में पदयात्रायें आयोजित की जायेगी।

इन कार्यक्रमों के जरिये मतदाताओं में भाजपा की पैठ बढ़ाने के साथ ही राज्य और केन्द्र सरकार की उपलब्धियों को आमजन तक पहुंचाया जायेगा। बैठक में 17 नवम्बर को सम्पन्न बाइक रैली की सफलता पर खुशी जाहिर की गयी।

उधर, अयोध्या में पार्टी पदाधिकारियों ने धर्मसभा में आने के लिये परिक्रमा में आये श्रद्धालुओं को निमंत्रित करने के लिये पत्रक वितरित किये। अयोध्या महानगर के पार्टी अध्यक्ष कमलेश श्रीवास्तव और अयोध्या के विधायक वेद गुप्ता पत्रक वितरित करते हुये धर्म सभा में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील करते देखे गये।

बैठक में 15 दिसम्बर से एक पखवारे तक सभी विधानसभा क्षेत्रों में निकलने वाली पदयात्राओं के बारे में बृहद कार्यक्रम तय किये गये। पार्टी की कोशिश होगी कि हर पदयात्रा में सांसद, विधायक के साथ ही प्रदेश का कम से कम एक पदाधिकारी शामिल हो। पदयात्राओं के जरिये केन्द्र और राज्य सरकार की उपलब्धियों को जन जन तक पहुंचाया जायेगा।

दलित सम्मेलन के बाद दलितों का दो दिवसीय राष्ट्रीय अधिवेशन दिसम्बर के अन्तिम सप्ताह में लखनऊ के कांशीराम स्मृति उपवन में आयोजित किया जायेगा। इसमें देशभर से दलित आयेंगे। पार्टी दलितों में पैठ बढ़ाने के हर सम्भव कोशिश में लगी हुई है।

दलितों के आदर्श डॉ. भीम राव आम्बेडकर के जीवन से जुड़े पांच स्थानों को पंचतीर्थ घोषित करने और योगी आदित्यनाथ मंत्रिमंडल के 19 मार्च 2017 को कांशीराम स्मृति उपवन में शपथ ग्रहण करने के बाद से ही साफ हो गया था कि भाजपा दलितों को अधिक से अधिक जोड़ने के हर सम्भव प्रयास करेगी। अधिवेशन के दूसरे दिन कांशी राम स्मृति उपवन में ही जनसभा आयोजित की जायेगी। इसे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अमित शाह सम्बोधित कर सकते हैं।

भाजपा ने 2014 के चुनाव में उत्तर प्रदेश से लोकसभा की कुल 80 में से अपने गठबंधन दल के साथ 73 सीटीं जीती थीं। भाजपा ने इस बार 51 फीसदी वोट हासिल करने के साथ ही 73 प्लस सीटों को जीतने का लक्ष्य निर्धारित किया है।

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