भारतीय क्रिकेट टीम में खेलने के लिये छोड़ा था इस क्रिकेटर ने अपना देश

पूर्व क्रिकेटर रोबिन सिंह का नाम हर कोई जानता है | वो ऐसे क्रिकेट खिलाडी है जो पैदा तो हुए दूसरे देश में और खेले भारत की ओर से | रोबिन सिंह के लिए ये बदलाव आसान नहीं था लेकिन उनकी किस्मत में भारतीय क्रिकेटर बनना ही लिखा था |  बचपन से ही क्रिकेट खेलने के शौकीन रोबिन सिंह किस तरह से भारतीय क्रिकेट टीम के सदस्य बने अपने आप में रोचक है | भारतीय क्रिकेट टीम के सदस्य बनने से पहले उनका प्रारंभिक जीवन जान लेना जरुरी है |

 

प्रारंभिक जीवन
रोबिन सिंह का जन्म त्रिनिदाद और टोबैगो में 14 सितम्बर 1963 को हुआ था | उनका पूरा नाम रोबिन रामनारायण सिंह हैं | उनकी पत्नी का नाम सुजाता सिंह है  | मात्र 7 साल की उम्र में उन्होंने क्रिकेट खेलना शुरु कर दिया था | वो स्कूल, कॉलेज और क्लब लेवल क्रिकेट खेलते थे | रोबिन सिंह के जीवन में टर्निंग पॉइंट तब आया जब एक बार भारत से हैदराबाद ब्लू नाम की क्रिकेट टीम टूर्नामेंट खेलने वेस्टइंडीज आई थी, तब रोबिन सिंह ने त्रिनिदाद की और से वो मैच खेला था | इस मैच में रोबिन सिंह की परफोर्मेंस शानदार थी | रोबिन सिंह की परफोर्मेंस से प्रभावित होकर अकबर इब्राहिम नाम के एक व्यक्ति ने उन्हें भारत आने का ऑफर दिया |

 

वेस्टइंडीज़ क्रिकेट टीम में जगह मिलना था मुश्किल
रोबिन सिंह को लगता था कि वो वेस्टइंडीज़ की नेशनल क्रिकेट टीम में जगह नहीं बना पाएंगे | उनके मुताबिक वेस्टइंडीज़ की एक फिक्स टीम थी जो अगले 10 वर्षो तक बदलने वाली नहीं थी | उस वक़्त वेस्टइंडीज़ की टीम में गार्डन ग्रीनेज, कालीचरण, रिचर्ड्स और हेजमंड हेंस जैसे नामी खिलाडी थे | उन्हें लगा की इन खिलाड़ियों के बीच जगह मिलना मुश्किल है | ऐसे में उन्होंने भारत की ओर रुख करने का मन बना लिया |

 

19 साल की उम्र में आये थे भारत
रोबिन सिंह 19 साल की उम्र में भारत आये थे | रोबिन सिंह जब यहाँ पहुंचे तो उनके लिए सबकुछ नया था | यहाँ का रहन सहन, भाषा, खानपान, माहौल में ढलना आसान नहीं था | इसके साथ ही भारतीय क्रिकेट टीम में जगह बनाना भी चुनौती थी | इसके लिए सबसे पहले भारत की नागरिकता लेना जरुरी था | साल 1989 में रोबिन सिंह को भारत की नागरिकता मिली | कुछ समय के लिए रोबिन सिंह ने तमिलनाडु के लिए रणजी क्रिकेट खेला था | चूँकि अच्छी परफोर्मेंस के चलते इसी दौरान उनका भारतीय क्रिकेट टीम में चयन भी हो गया | रोबिन सिंह ने भारत की ओर से अपना पहला मैच 11 मार्च 1989 को वेस्टइंडीज के खिलाफ खेला था | इस वनडे सीरीज में उन्होंने 2 मैचों में 3 और 10 रन बनाये थे | ख़राब प्रदर्शन के कारण रोबिन सिंह को टीम से बाहर कर दिया गया था | घरेलू क्रिकेट में अच्छे प्रदर्शन के कारण 7 साल बाद उन्हें फिर से नेशनल क्रिकेट टीम में मौका मिला | 1996 में उन्होंने आस्ट्रेलिया के खिलाफ मैच खेला | इसके बाद उन्होंने 2001 तक सचिन और राहुल जैसे नामी क्रिकेटर के साथ क्रिकेट खेला |

 

क्रिकेट कैरियर
रोबिन सिंह ने भारत की ओर से आलराउंडर के रूप ने 1989 से 2001 के बीच 1 टेस्ट और 136 वनडे मैच खेले थे | बैटिंग और बोलिंग के साथ उनकी फील्डिंग भी शानदार थी |

रोबिन सिंह ने टेस्ट मैच जिम्बाम्वे के खिलाफ खेला था जिसमें उन्होंने 27 रन बनाये और वनडे मैचों में उन्होंने 2336 बनाये थे | टेस्ट में उनका बैटिंग एवरेज 13.50 और वनडे में 25.95 था  | वनडे में उन्होंने 69 विकेट लिये | 2 वनडे मैचों में वो मैन ऑफ द मैच भी रहे |

 

क्रिकेट से सन्यास के बाद कोचिंग में किया कमाल
क्रिकेट से सन्यास के बाद उन्होंने अंडर 19 टीम के लिए बतौर कोच सेवाएं दी | वर्ष 2004 में वो हांगकांग की नेशनल क्रिकेट टीम के कोच बने | इस दौरान हांगकांग की नेशनल क्रिकेट टीम को उन्होंने एशिया कप के लिए क्वालिफाई करवाया | श्रीलंका प्रीमियर लीग और बांग्लादेश प्रीमियर लीग में उन्होंने कोचिंग दी | वर्ष 2006 में वो भारत-ए टीम के कोच के रहे | 2007 से 2009 तक भारत की नेशनल क्रिकेट टीम के फील्डिंग कोच रहे | इस दौरान उन्होंने कई नामी खिलाड़ियों को फील्डिंग के गुर सिखाये | आईपीएल में भी उन्होंने कई टीमों को कोचिंग दी | डेक्कन चार्जर्स और मुंबई इंडियन के कोच रह चुके है |

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