भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त योगी सरकार, 600 से ज्यादा अधिकारियों और कर्मचारियों पर गिरी गाज

लखनऊ. भ्रष्टाचार पर जीरो टालरेंस की नीति अपनाते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दागी अफसरों को बाहर का रास्ता दिखाने का काम तेज कर दिया है। लगातार होने वाली गड़बड़ियों और अधिकारियों व कर्मचारियों पर होने वाली कार्रवाई का आंकड़ा 600 पार पहुंच चुका है। पिछले दो सालों में योगी सरकार ने अब तक 200 से ज्यादा अफसरों और कर्मचारियों को जबरन सेवानिवृत दी। वहीं बाकियों पर बर्खास्तगी और निलंबन जैसी कार्रवाई हुई है।

नोएडा भूमि आवंटन की धांधली में फंसे 1983 बैच के आईएएस अधिकारी रजीव कुमार-द्वितीय को सरकार ने जबरन सेवानिवृत्ति करने का नोटिस दिया है। इस मामले के खुलासे के साथ ही यह बात भी सामने आई कि राज्य सरकार ने अब तक अलग-अलग मामलों में 600 से ज्यादा अधिकारियों व कर्मचारियों पर चाबुक चलाया है। योगी सरकार अपने सख्त कदम से यह संदेश देना चाहती है कि काम में किसी भी प्रकार की लापरवाही और धोखेबाजी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

नियुक्ति एवं कार्मिक विभाग ने नियम-14 के तहत राजीव को नोटिस भेजा था। इसका जवाब उन्होंने भेज दिया है। अब योगी सरकार राजीव कुमार- द्वितीय को अनिवार्य सेवानिवृत्ति देने की तैयारी में है। इसके लिए प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। 1983 बैच के आईएएस राजीव नोएडा प्लॉट मामले में 2016 से निलंबित हैं। उनका सेवाकाल 30 जून, 2021 को खत्म होगा। राजीव कुमार 1982 बैच के अविनाश कुमार श्रीवास्तव के बाद उप्र काडर के दूसरे सबसे वरिष्ठ आईएएस अधकारी हैं। अगर उन्हें अनिवार्य सेवानिवृत्ति दी जाती है, तो यह प्रदेश में किसी आईएएस अफसर को जबरन रिटायर करने का पहला मामला होगा।

योगी सरकार अब तक सात पीसीएस अफसरों समेत विभिन्न विभागों के 700 से ज्यादा कर्मचारियों को बर्खास्त या अनिवार्य सेवानिवृत्ति दे चुकी है। सीनीयर अफसर राजीव कुमार से पहले योगी सरकार ने पांच अन्य आईएएस अफसरों को अनिवार्य सेवानिवृत्ति का नोटिस दिया है। इनमें 1980 बैच के आईएएस शिशिर प्रियदर्शी, 1983 बैच के आईएएस अतुल बोगोई, 1985 बैच के अतुल आर्या, 1990 बैच के आईएएस संजय भाटिया और 1997 बैच की रीता सिंह को अनिवार्य सेवानिवृत्ति दी गई है। योगी सरकार अब तक सात पीसीएस अफसरों समेत विभिन्न विभागों के 700 से ज्यादा कर्मचारियों को बर्खास्त या अनिवार्य सेवानिवृत्ति दे चुकी है।

200 से ज्यादा अधिकारियों व कर्मचारियों को अनिवार्य सेवानिवृत्ति

ऊर्जा विभाग के 170
गृह विभाग के 51
परिवहन विभाग के 37
राजस्व विभाग के 36
बेसिक शिक्षा के 26
पंचायतीराज के 25
पीडब्ल्यूडी के 18
श्रम विभाग के 16
संस्थागत वित्त विभाग के 16
वाणिज्य कर के 16
मनोरंजन कर विभाग के 16
ग्राम्य विकास के 15

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