मप्र में नौ साल में 11 हजार किसानों ने की आत्महत्या, जनता चाहती है अब बदलाव

लखनऊ: सपा के अध्यक्ष व पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने आरोप लगाया है कि मध्य प्रदेश में बीते नौ साल के भाजपा शासन में 11 हजार से ज्यादा किसानों ने आत्महत्या की। इसके साथ ही उन्होंने कहा मध्य प्रदेश में भाजपा और कांग्रेस दोनों के सत्ता के खेल को जनता भलीभांति जान चुकी है और अब वह बदलाव चाहती है।

यादव ने मध्य प्रदेश राज्य के दो दिन के दौरे से वापस आने के बाद बुधवार को यहां जारी अपने बयान में कहा, सपा और गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के गठबंधन से मप्र विधान सभा चुनाव में हलचल तेज हो गयी है। उन्होंने कहा वहां की जनता बदलाव चाहती है। राजनीति में नये प्रयोग की ललक वहां जनता में साफ झलक रही है। उन्होेंने कहा मध्य प्रदेश वैसे भी समाजवादियों का गढ़ रहा है। यहां कई बार समाजवादियों ने विस और संसद तक अपना परचम लहराया है। यादव ने कहा अपने इस खजुराहो दौरे के दौरान पार्टी के प्रमुख नेताओं के साथ ही गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ मप्र की राजनीतिक स्थिति और चुनाव के समीकरणों पर र्चचा हुई।

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यादव ने मप्र में किसानों की बदहाली पर राज्य की भाजपा सरकार की आलोचना करते हुए नौजवानों के भविष्य से भाजपा की केन्द्र और राज्य सरकार द्वारा खिलवाड़ करने का आरोप भी मढ़ा है। सपा अध्यक्ष ने कहा है कि भाजपा नैतिकता और ईमानदारी की सिर्फ बातें ही करती है। वास्तविकता है कि मप्र की चार गुना आबादी कम होने के बावजूद यूपी के मुकाबले मप्र में चार गुना ज्यादा पशु वधशालाएं हैं। मप्र में उचित चिकित्सा व्यवस्था के अभाव में बीमारों की मौतें थमने का नाम नहीं ले रही हैं यहां स्वास्य सेवाएं पूरी तरह ध्वस्त हैं।

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