माता-पिता की मौत के दूसरे दिन थी लड़की की 12वीं की परीक्षा, परिवार में मातम पसरा था तभी बेटी ने किया कुछ ऐसा

सोचिए, किसी बच्चे की आंखों के सामने ही उससे माता-पिता दोनों ही दम तोड़ दें तो उस बच्चे पर क्या गुजर सकती है. उस वक्त उस बच्चे के लिए उस बच्चे के सिर से छत हमेशा के लिए हट जाती है. माता-पिता की कमी उसके लिए कोई पूरी नहीं कर सकता है. दुख की तो बात ये है कि माता-पिता की मौत के दूसरे ही दिन बच्ची का 12 वीं का एग्जाम था. पूरे घर और गांव में मातम पसरा था लेकिन बच्ची ने हार नहीं मानी वो करके दिखाया जो कोई नहीं कर सकता.

दरअसल तमिलनाडु के पलायमकोत्तई के रहने वाला परिवार अपनी बेटी के साथ किसी रिश्तेदार के घर जा रहा था तभी रास्ते में दर्दनाक कार एक्सीडेंट हो जाता है और हादसे में माता-पिता दोनों की मौत हो जाती है. बच्ची ने अपनी आंखों के सामने अपने माता-पिता को आखरी सांस लेता देखा. जिसके लिए भूलना वो दुखद पल को भुलना बहुत मुश्किलभरा है, लेकिन फिर भी लड़की ने माता-पिता का सपने को बचाये रखने के लिए वो दुखद पल भूला और दूसरे दिन 12वीं की परीक्षा देने स्कूल में पहुंची. जिसे देखकर पूरा स्कूल हैरान हो गया और बच्ची की बहादुरी की तारीफ की. साथ ही बच्ची को इस दुख से निकलने के लिए सवेंदना भी दी.

हादसे में लड़की के भी बहुत चोट आई थी लेकिन उसके रिश्तेदारों ने उसका अस्पताल में इलाज करवाया जिसके बाद पट्टी चढ़े हुए लड़की स्कूल में एग्जाम देने पहुंची. लड़की के पिता डॉक्टर थे और वो चाहती है कि वो अपने पिता का सपना जरूर पूरा करेगी. वो भी पिता की तरह डॉक्टर बनेगी. जिस दिन लड़की के पिता को जफनाया जा रहा था उसी दिन लड़की क्लासरूम बैठे पूरा फोकस अपने एग्जाम पर दे रही थी. वाकई में इस लड़की की हिम्मत और बहादुरी तारीफ लायक है. ईश्वर इस बच्ची को इतने बड़े दुख से निकलने की हिम्मद दे.

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लखनऊ ट्रिब्यून

Vineet Kumar Verma

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