मायावती ने बनारस हादसे पर जताया दुःख, उच्च स्तरीय जांच की उठाई मांग

लखनऊ। बहुजन समाजवादी पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने मंगलवार को बनारस पुल हादसे में मारे गए 15 लोगों की मौत पर दुख जताया है। उन्होंने पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच करवाने की भी मांग उठाई है। कहा कि दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए और उनकी जिम्मेदारी भी तय हो।

उन्होंने कहा कि घोर आपराधिक लापरवाही के ऐसे संगीन मामलों में भारतीय जनता पार्टी(भाजपा) के शीर्ष नेताओं द्वारा सस्ती मानसिकता दिखाकर केवल‘‘मन पर बोझ‘’बता देने से जिम्मेदारी से मुक्ति पा लेने का प्रयास सही नहीं है बल्कि इसके लिये ठोस सुधारात्मक कार्रवाई व उपाय भी करने की सख्त जरूरत है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश की भाजपा सरकार का बुरा व गैरजिम्मेदारी का हाल अपराध नियंत्रण व कानून-व्यवस्था के मामले में भी बना है, जिसके कारण प्रदेश में जमीनी स्तर पर हर तरफ हिंसा, अराजकता व जंगलराज जैसे माहौल व्याप्त है। भाजपा के मंत्री व इनके नेताओं के बयानों में ही लोगों को हसीन सपने दिखाये जाने के प्रयास हो रहे हैं।

मायावती ने कहा कि अपराध नियंत्रण व कानून-व्यवस्था के साथ खासकर दलितों व पिछड़ों के विरुद्ध जातिगत द्वेष, हिंसा व अन्याय-अत्याचार के मामले भी प्रदेश में रुकने का नाम ही नहीं ले रहे हैं। भाजपा सरकार का ऐसा जातिगत घिनौना रवैया इनकी दलित व पिछड़ा वर्ग-विरोधी चाल, चरित्र व चेहरे को पूरी तरह से बेनकाब करता है और यह साबित करता है।

बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर के अनुयाइयों के प्रति इनका असली व्यवहार कितना ज्यादा अमानवीय व नाइन्साफी का अभी तक बना हुआ है।

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