मिलिए सबसे ज्यादा माफी मांगने वाले सीएम से!

अखिलेश अखिल

अरविन्द केजरीवाल। दिल्ली के मुख्यमंत्री। आम आदमी पार्टी के नेता। उससे पहले बड़ा आंदोलनकारी। रामलीला मैदान में भ्रष्टाचार के खिलाफ आंदोलन के चेहरा। अन्ना हजारे के शागिर्द में इंडिया अगेंस्ट करप्शन के ध्वजवाहक। उससे पहले आयकर अधिकारी। केजरीवाल जी की मोटामोटी यही कुछ जमा परिचय है। इसके अलावे बोलने में महारथ,विषय को सिलसिलेवार तरीके से जनता के बीच रखने में सिद्धहस्त और किसी पर आरोप लगाने में सबसे आगे केजरीवाल जी इन दिनों परेशान हैं। राजनीति से कम ,दाव पेच से ज्यादा। दिल्ली में सरकार क्या बनायी ,सबके दुश्मन हो गए। खासकर बीजेपी और कांग्रेस वालों से। दोनों दलों ने इन्हे अभी तक नेता नहीं माना। दिल्ली सरकार को वह गरिमा नहीं दी जो पहले थी। लगता ही नहीं कि दिल्ली में सरकार भी है। राजनीतिक स्तर पर दिल्ली में सब कुछ दिखता है लेकिन सरकार कहाँ है और सीएम कहाँ हैं ,पता ही नाची चलता। केजरीवाल जी हकबक हैं और सबको केवल निहार रहे हैं।

इधर केजरीवाल साहब का केवल एक ही काम है। माफ़ी मांगने का काम। विषवमन कर चुके हैं कि अब बोलने को कुछ रह नहीं गया है। उसी वमन को अब सहेजने का समय है। नहीं सहेजेंगे तो बहुत बुरा होगा उनकी राजनीति के लिए। कांग्रेस,बीजेपी वाले उसे छोड़ने वाले नहीं। जब सरकार बनाये केजरीवाल जी तो आपा खो दिए थे। चुनाव से पहले भी आपा खोकर बहुत कुछ कहे थे नेताओं के बारे में। उनको पता ही नहीं था कि घाघ नेता उनके साथ क्या करेंगे। जब कोर्ट का चक्कर लगने लगा तो केजरीवाल साहब को दिन में ही तारे दिखाई पड़ने लगे। अपने लोगो से राय विचार किये तो यही फैसला आया कि कोर्ट कचहरी से तभी छुटकारा मिलेगी जब सबसे माफ़ी मांग ली जाय। राजनीति में माफ़ी के क्या कहने! आये दिन लोग माफ़ी मांगते रहते हैं और लोग माफ़ करते भी रहे हैं। बात जाँच गयी। माफ़ी मांगने का खेल शुरू हुआ।

केजरीवाल जी ने सबसे पहले माफ़ी हजारे जी से मांगी थी। अन्ना जी ठहरे सीधा आदमी माफ़ी दे दिए। लेकिन राजनीतिक लोग माफ़ी को भी ढोल बजाकर जनता को जानते हैं। कोई करम नहीं छोड़ते। फिर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने अकाली दल नेता से माफी मांगी तो आम आदमी पार्टी की पंजाब यूनिट में बवाल हो गया। ये घमासान अभी थमा भी नहीं था कि अब केजरीवाल ने कुछ और नेताओं से माफी मांग ली। यानी केजरीवाल ने अब उन नेताओं से माफी मांगनी शुरू कर दी है, जिन पर उन्होंने अपने भाषणों और बयानों में आरोप लगाए थे और जिन्होंने उनके खिलाफ मानहानि के दावे किए थे। इस कड़ी में आज अरविंद केजरीवाल ने बीजेपी के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से माफी मांगी है। इसके अलावा केजरीवाल ने कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल और उनके बेटे अमित सिब्बल से भी माफी मांगी है।

अरविंद केजरीवाल ने बीजेपी नेता नितिन गडकरी को 16 मार्च को पत्र लिखा था। जिसमें उन्होंने लिखा है, ‘हम दोनों अलग-अलग दलों में हैं। मैंने आपके बारे में बिना जांचे कुछ आरोप लगाए, जिससे आपको दुख हुआ होगा, इसलिए आपने मेरे खिलाफ मानहानि का केस दायर किया। मुझे आपसे निजी तौर पर कोई दिक्कत नहीं है, इसलिए मैं आपसे माफी मांगता हूं। ‘

नितिन गडकरी के मानहानि केस पर कोर्ट में अर्जी भी लगा दी गई है। गडकरी और केजरीवाल ने पटियाला हाउस कोर्ट में केस को वापस लेने की अर्जी लगाई है। केजरीवाल ने गडकरी को 16 मार्च को माफी मांगते हुए पत्र लिखा था, जिसके बाद कोर्ट में केस वापस करने की अर्जी लगाई गई है। इससे पहले अरविंद केजरीवाल ने पंजाब के पूर्व मंत्री और अकाली दल नेता बिक्रम सिंह मजीठिया से भी माफी मांगी थी। पंजाब विधानसभा चुनाव 2017 के चुनाव प्रचार के दौरान केजरीवाल ने मजीठिया पर ड्रग्स के धंधे में शामिल होने जैसे गंभीर आरोप लगाए थे।

साथ ही उन्होंने पंजाब में आप की सरकार आने पर मजीठिया को सलाखों के पीछे भेजने तक की बात कही थी। केजरीवाल के इन आरोपों पर मजीठिया ने उनके खिलाफ मानहानि का दावा किया था। जिसके बाद केजरीवाल ने लिखित में माफी मांगी। केजरीवाल के इस कदम के बाद पंजाब आप के नेताओं में फूट भी पड़ गई है। अभी पता चला कि बीजेपी और कांग्रेस के कुछ छुटभैये नेता भी केजरीवाल जी के पहले वाले भाषण को परख रहे हैं ताकि उनकी कुछ गलती निकाली जाय और कुछ मामला बने तो सार्वजानिक माफ़ी मंगवाई जाय। दिल्ली के लोग मजाक कर रहे हैं। कह रहे हैं कि यह देश का पहला नेता है जो माफ़ी मांगता फिरता है। सामान्य ज्ञान के लिए यह एक सवाल हो सकता है।

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