मुलेठी खाने से छूमंतर हो जाएंगी ये बीमारियां, ऐसे करें इस्तेमाल

हम अपने शरीर को हर बीमारी से बचाकर रखने की पूरी कोशिश करते हैं. ऐसे में आपके लिए मुलेठी बहुत फायदेमंद हो सकती है. ये खाने में मीठी लगती है. इसमें कैल्शियम, ग्लिसराइजिक एसिड, एंटी-ऑक्सीडेंट, एंटीबायोटिक, प्रोटीन समेत वसा के गुण मौजूद हैं. इसका उपयोग आयुर्वेद में किया जाता है. इससे नेत्र रोग, मुख रोग, कंठ रोग, उदर रोग, सांस विकार, हृदय रोग, घाव आदि का उपचार कर सकते हैं. इन दिनों इसको खाने के कई फायदे हैं.

आंखों की रोशनी बढ़ाए

मुलेठी के क्वाथ से आंखों को धोना चाहिए. इससे आंखों को कोई बीमारी होने का डर नहीं होता है. मुलेठी के चूर्ण में सौंफ का चूर्ण मिला लें और इसको रोजाना खाएं. इससे आंखों में जलन नहीं होती है, साथ ही आंखों की रोशनी बढ़ती है. इसी तरह मुलेठी को पानी में पीसकर उसमें रूई का फाहा भिगोकर आंखों पर बांध सकते हैं.

कान और नाक के लिए लाभदायक

मुलेठी को कान और नाक में होने वाली बीमारी के इलाज में बहुत लाभदायक माना जाता है. मुलेठी और द्राक्षा से पकाए हुए दूध को कान में डालना चाहिए. इससे कान की कोई बीमारी नहीं होती है. इसी तरह मुलेठी और शुंडी में छह छोटी इलायची में मिश्री मिला लें और इसका चूर्ण बनाकर 1 से 2 बूंद नाक में डालें. ये नाक के लिए बहुत फायदेमंद होता है.

मुंह के छाले और खांसी से छुटकारा

मुंह में छाले होने पर मुलेठी के टुकड़े में शहद लगाकर चूसते रहना चाहिए. इससे छाले और खांसी से एकदम छुट्टी मिल जाती है. अगर किसी को सूखी खांसी में कफ़ आए, तो इसको शहद के साथ रोजाना 3 बार चाट लें.

हृदय रोगों से बचाए

मुलेठी हृदय रोग में बहुत लाभकारी है. रोजाना मुलेठी और कुटकी चूर्ण को मिश्री के साथ पानी में मिलाकर पीने से हृदय रोग नहीं होता है. इसके सेवन से पेट के रोग में भी आराम मिलता है.

नोट: अगर आपको यह खबर पसंद आई तो इसे शेयर करना न भूलें, देश-विदेश से जुड़ी ताजा अपडेट पाने के लिए कृपया The Lucknow Tribune के  Facebook  पेज को Like व Twitter पर Follow करना न भूलें...
Loading...
-------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- ---------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- ---------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- ---------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- ---------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- ---------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- ----------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------
E-Paper