मुस्करा रहे थे मनोहर पर्रिकर, डाक्टर ने बताई उनके जिंदा दिली की मिसाल

गोवा के दिवंगत मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर का अंत्येष्टि सोमवार शाम को की जाएगी। कैंसर से लंबे समय तक जूझने के बाद रविवार को उनका निधन हो गया। पार्रिकर के पार्थिव शरीर को अंत्येष्टि के लिए शाम 5 बजे गोवा खेल प्राधिकरण के मैदान में ले जाया जाएगा। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने सोमवार को राष्ट्रीय शोक और राजकीय सम्मान के साथ अंत्येष्टि की घोषणा की है। वहीं पार्रिकर का इलाज कर रहे डाक्टर ने पार्रिकर की जिंदा दिली की मिसाल देते हुए कुछ लम्हों को शेयर किया है।

अस्पताल के सर्जिकल ऑन्कॉलजी डिपार्टमेंट के चेयरमैन डॉ. पी जगन्नाथ ने कहा कि 15 फरवरी 2018 का दिन था। मुझे बताया गया कि एक वीवीआईपी को गोवा से लीलावती हॉस्पिटल लाया गया है। उन्हें पेट में दर्द है और अग्नाशय संबंधी किसी समस्या का शक है। वीवीआईपी होने के चलते अस्पताल ने तैयारी पूरी कर ली थी। मुस्कुराता हुआ एक व्यक्ति हॉस्पिटल में दाखिल हुआ। वह मनोहर पर्रिकर थे।’ डाक्टर ने कहा कि वह बिल्कुल तरोताजा दिख रहे थे। कोई नहीं कह सकता था कि वह बीमार हैं। देर शाम जब उनकी रिपोर्ट आई तो मैं थोड़ा दुखी था। उनके अग्नाशय में कुछ जख्म थे। दुर्भाग्य से अग्नाशय के जख्मों का शुरुआती लक्षण बहुत कम दिखता है।’

डॉक्टर जगन्नाथ ने कहा जब पार्रिकर अस्पताल में भर्ती थे, तो पीएम मोदी उन्हें देखने आए। प्रधानमंत्री बेहद परेशान थे कि उनके अहम सहयोगी को यह गंभीर बीमारी हुई है। पर्रिकर ने मुस्कुराते हुए पीएम मोदी से कहा कि वह सिर्फ गोवा के लोगों की सेवा करना चाहते हैं। प्रधानमंत्री ने हमसे कहा कि इस बीमारी के इलाज के लिए दुनिया में जो भी सबसे अच्छा हो, वह पर्रिकर के लिए किया जाए। इंटरनैशनल हेपाटो पैनक्रिएटो बाइलेरी असोसिएशन का अध्यक्ष होने के नाते न्यू यॉर्क स्थित मेमोरियल स्लोअन केटरिकंग के मेरे कुछ साथी डॉक्टर उनका इलाज करने के लिए तैयार हो गए।

इसके बाद पर्रिकर को न्यूयॉर्क ले जाया गया। इसके बाद सभी चीजें नियंत्रण में नजर आ रही थी और वह वहां से वापस आ गए।’ डॉक्टर ने बताया कि ‘इस दौरान वह कभी भी राज्य के कामकाज से दूर नहीं रहे। अस्पताल में होने के बावजूद, वह अस्पताल में अपने स्टाफ के साथ रोजाना के ऑफिस के काम कर रहे थे। जब मैं उनसे मिलने न्यूयॉर्क गया था, तो मैंने देखा कि वह वहां भी काम कर रहे हैं और अपने स्टाफ से कुछ जानकारियां जुटाने के लिए कह रहे हैं। वह जब भी बाहर होते हैं, वह हमेशा गोवा वापस जाने के इंतजार में होते हैं। वह गोअन फिश करी को बहुत याद करते थे। यह काफी चौंकाने वाला है कि इस मेडिकल स्टेटस में भी उन्होंने कभी भी कोई नाराजगी या किसी भी तरह के दर्द का इजहार नहीं किया।

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