मोदी जी देश के सवालों का जबाब देते तो मजा आ जाता

अखिलेश अखिल


सबसे पहले वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण के हालिया ट्वीट और प्रेस वार्ता पर। प्रशांत भूषण ने पहले ट्वीट किया – “मोदी ने जब 45 महीने के कार्यकाल में एक भी प्रेस कांफ्रेंस नहीं किया और फेक न्यूज़ करने वाले लुटेरे सुधीर चौधरी के ज़ी न्यूज़ को इंटरव्यू दे दिया। अब ये सोचने पर मजबूर करता है की उन्होंने अपनी रेटिंग बढाने के लिए इंटरव्यू दिया या फिर ज़ी न्यूज़ की।” इसके बाद प्रशांत भूषण ने कांफ्रेंस कर के इन मुद्दों पर अपना बयान नहीं दिया है। आपको बता दें कि पिछले दिनों प्रधानमन्त्री मोदी ने जी न्यूज़ को अपना साक्षात्कार दिया था। इस साक्षात्कार के बाद प्रतिक्रियाएं शुरू हो गयी है।

इस इंटरव्यू में पीएम मोदी ने राजनीति, अर्थव्यवस्था, अंतरराष्ट्रीय मसलों से लेकर कूटनीति और रोजगार तक के मुद्दों पर बातें करते हुए नज़र आये, मगर लोग इस इंटरव्यू से संतुष्ट नहीं हैं और जमकर उन्हें सोशल मीडिया पर ट्रोल कर रहें हैं। ऐसे में सवाल कई तरह के उठ रहे हैं। उठेंगे ही। जब देश के लोग खुश नहीं होंगे तो सवाल करेंगे ही।

गौरतलब है कि देश में इन दिनों काफी बड़े और संगीन मुद्दे सामने आये है, जैसे भीमा कोरेगांव हिंसा का मामला, एफडीआई 100 फीसदी हो जाना, बेरोजगारी, आलू किसानो का प्रदर्शन, सुप्रीम कोर्ट के जजों का सुप्रीम कोर्ट को लेकर खुलासा या फिर वीएचपी नेता प्रवीण तोगड़िया का मोदी पर सीधा आरोप। देश में इसके अलावे भी कई तरह के सवाल उठ रहे हैं। ऐसे में जरूरत थी कि पीएम मोदी प्रेस वार्ता करके जनता के सवालों के जबाब देते। लेकिन ऐसा नहीं हुआ।

प्रधानमंत्री ने पिछले 45 महीने में एक बार भी मीडिया से रूबरू होकर अपना पक्ष नहीं रखा हैं। अपने नए साक्षात्कार में भी पीएम ने किसी भी गंभीर सवाल के जबाब नहीं दिए हैं। ऐसे में जरुरत इस बात की हो जाती है कि प्रधानमन्त्री खुले रूप से जनता के मन में उठ रहे सवालों का उत्तर देते। बेरोजगारी से लेकर देश के हिंसक माहौल पर देश को जबाब देते और सुप्रीम कोर्ट में उपजे माहौल पर खुल कर बोलते। लोकतंत्र का तकाजा तो यही है लेकिन ऐसा होता नहीं दिखता।

नोट: अगर आपको यह खबर पसंद आई तो इसे शेयर करना न भूलें, देश-विदेश से जुड़ी ताजा अपडेट पाने के लिए कृपया The Lucknow Tribune के  Facebook  पेज को Like व Twitter पर Follow करना न भूलें...
Loading...
-------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- --------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- --------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- --------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- ---------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------
E-Paper