मोदी फिर सत्ता में आये तो लोकतंत्र ख़त्म हो जाएगा: पूर्व जज पाटिल

अखिलेश अखिल

लखनऊ ट्रिब्यून दिल्ली ब्यूरो: हाई कोर्ट के पूर्व जज बीजी कॉल्स पाटिल ने कहा है कि ”सीबीआई जज बीएच लोया की ह्त्या की गयी थी। इसके साथ ही लोया के दो अन्य मित्र और जज की भी ह्त्या कर दी गयी थी। एक जज की हत्या ट्रैन से फेक कर कर दी गयी थी जबकि दूसरे की हत्या छत से फेंक कर कर दी गयी थी। और दोनों का ही पोस्टमार्टम नहीं किया गया। एक से तो सुसाइड नोट भी लिखवाया गया था। लोया के दोनों मित्र मेरे पास आये थे और मैंने उन्हें प्रशांत भूषण वकील के पास जाने को कहा था। लोया की हत्या के बाद अब मेरी बारी हो सकती है। हो सकता है कि ये मेरा अंतिम भाषण हो।”

पूर्व जज पाटिल ने ये बाते 28 जनवरी को महाराष्ट्र के अहमदनगर में विभागंधा साहित्य परिषद द्वारा आयोजित 13वीं वाराणकट शब्दगंध साहित्य सम्मेलन में कही। उन्होंने कहा कि लोया के दो ज़िला न्यायधीश मित्रों की भी ऐसे ही हत्या की गई है, जिसका मैं खुद गवाह हूँ। उन्होंने बताया कि जज लोया को सोहराबुद्दीन मामले में 100 करोड़ की रिश्वत का ऑफर था। उनपर मामले में आरोपियों को बरी करने का दबाव था।

पाटिल ने केंद्र सरकार और सर्वोच्च न्यायालय के बीच सांठगांठ होने का भी गंभीर आरोप लगाया। पाटिल ने कहा कि अगर 2019 में मोदी सत्ता में वापसी करते हैं तो देश में लोकतंत्र ख़त्म हो जाएगा। उन्होंने कहा कि न्यायपालिका की आखों पर कोई पट्टी नहीं है बल्कि पट्टी हमारी आखों पर बंधी है कि हमें कुछ दिखाई नहीं दे रहा है। उन्होंने जज लोया की मौत को न्यायपालिका की विश्वसनीयता का मुद्दा बताया और स्वतंत्र जांच की मांग की। इस से पहले लातूर बार एसोसिएशन में वरिष्ठ वकील और जस्टिस लोया के करीबी मित्र उदय गवारे भी कह चुके हैं कि लोया को 100 करोड़ की रिश्वत ऑफर की गई थी और उनपर इस मामले में आरोपियों को छोड़ने का दबाव था।

गौरतलब है कि लोया सोहराबुद्दीन एनकाउंटर मामले को देख रहे थे। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामलें की कार्रवाई गुजरात से बाहर करने का आदेश दिया था जिसके बाद ये मामला सीबीआई अदालत में आया।

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