मौत से कुछ समय पहले क्या होता है?

आज हम विज्ञान को अति विकसित मानते हैं. आज हमारा मानना है कि मनुष्य ने जितनी तरक्की कर लि है आज तक किसी ने नहीं की. हम आप पश्चिमी देशों की तकनीक अपनाते जा रहे हैं और अपने प्राचीन भारतीय विज्ञान को भूलते जा रहे हैं. आज के विज्ञान के पास बहुत सारे प्रश्नों के जवाब नहीं है जो हमारे वेदों में बताया जा चुके हैं. इनमें से एक सबसे बड़ा सवाल है कि आखिर मरने से कुछ क्षण पहले क्या होता है और क्या इसका पता लगाया जा सकता है की समय नजदीक आ चुका. इसका जवाब हमारे वेदों में दिया जा चुका है.

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हमारे वेदों के अनुसार यमराज जो की मृत्यु को संभालते हैं, उनका काम है शरीर से आत्मा को निकालकर यमलोक ले जाना. वेदों में लिखा गया है कि जब यमदूत किसी के पास आते हैं तो उसे बहुत ही ठंड लगने लगती है और इंसान के गले से आवाज नहीं निकलती. शरीर का तापमान बहुत ही तेजी से गिरने लगता है. लंदन में हुए एक शोध से खुलासा हुआ है कि जब भी किसी की मृत्यु हुई उससे कुछ क्षण पहले कमरे का तापमान कुछ डिग्री तक कम हो गया. जिसका कोई भी कारण नहीं बता सका. हमारे वेदों में बताया गया है कि जहां भी यमदूत आते हैं तो वहां खड़े हर व्यक्ति को महसूस होता है. वह ठंडा सा अहसास यमदूत का होता है. जब यमदूत शरीर से आत्मा को अलग करते हैं तब यह तापमान और भी कम हो जाता है.

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वेदों में बताया गया है कि इंसान यमदूत को अपनी आंखों से केवल अपनी मृत्यु के क्षणों में ही देख सकते हैं. परंतु जानवरों को यह उससे पहले ही नजर आ जाते हैं. और इसी कारण वह बहुत ही अजीब हरकतें करने लगते हैं. विज्ञान यह नहीं मानती की आत्माएं होती है परंतु लंदन में हुए शोध में यह बताया गया है कि मृत्यु से पहले तथा बाद में शरीर का 20 से 30 ग्राम वजन कम हो जाता है. मगर यह किस कारण से होता है यह किसी को नहीं पता चल रहा.

विज्ञान आज भी इसका जवाब पता नहीं लगा पाई. वेदो में लिखा है कि हर व्यक्ति का एक निश्चित जीवनकाल होता है. लेकिन अगर किसी की अकाल मृत्यु हो जाती हैं जैसे की कोई दुर्घटना या आत्महत्या तो यमदूत को तब तक नहीं भेजा जाता जब तक कि वह अपना पूरा जीवन काल धरती पर पूरा नहीं कर ले. ऐसी स्थिति में उस आत्मा को धरती पर ही भटकना पड़ता है.

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