यह है ऐसा गांव जहां आज भी नक्सलियों की मर्जी से होती है खेती

दंतेवाड़ा: दक्षिण बस्तर के दंतेवाड़ा के तहत आने वाले ग्राम चोलनार से पालनार तक सड़क बनाने में अब भी बहुत बड़ी चुनौती है। इस क्षेत्र में नक्सलियों का आंतक इस कार्य में सबसे बड़ी रुकावट है। चोलनार गांव में नक्सलियों का आतंक इस कदर है कि यहां के किसान अपने कृषि कार्य उनकी मर्जी के अनुसार ही करते हैं।

कलेपाल ग्राम पंचायत के आश्रित गांव चोलनार से पिछले दिनों पालनार तक सड़क बनाने का कार्य सुरक्षा के घेरे में शुरू हुआ। इसी के साथ नक्सलियों ने 15-20 दिन पहले चोलनार-पालनार सड़क के निर्माण कार्य की सुरक्षा देख रहे सात जवानों को बारूदी सुरंग विस्फोट कर उड़ा दिया था। इससे निर्माण कार्य ठप हो गया है।

उल्लेखनीय है कि इस अंचल में नक्सलियों का प्रभाव इतना अधिक है कि ग्रामीण उनकी इच्छा से ही खेती कार्य करते हैं। विस्फोट की घटना के बाद गांव में फिर से सन्नाटा छाया हुआ है और दहशत का वातावरण है। विकास संबंधित सड़क, पुल-पुलिया, पीएम आवास, शौचालय जैसे विकासात्मक कार्यों का नक्सली सर्वथा विरोध करते हैं और आज भी कर रहे हैं। इस प्रकार अंचल के ग्रामीण नक्सलियों की मर्जी के बिना कुछ भी कर नहीं सकते और उनके विरुद्ध कुछ बोल भी नहीं सकते।

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