यह है गोरों पर राज करने वाला विश्व का पहला काला आदमी

लखनऊ: जब कभी भी हमारे सामने ब्रिटिश शब्द का जिक्र होता है, यक़ीनन सबके जहन में गोरे फिरंगियों का ख्याल आ जाता है . अगर हम कुछ सौ साल पहले का इतिहास खंगाले तो निश्चित रूप से गोरे ही ताकतवर व्यक्तित्व के धनी माने जाते हैं लेकिन ब्रिटिश इतिहास के कुछ एक चरित्र ऐसे हैं जो वर्तमान समय तक विश्व भर के लिए रहस्य बने रहे. इनमे से एक है दक्षिण अफ्रीका के ‘अंथोनी जोहन्सन’.

‘अंथोनी जोहन्सन’ ने अपने प्रभुत्व के बल पर कुछ अंग्रेजों को कानूनी रूप से अपना दास बनाया और गोरों पर राज करने वाला विश्व का पहला काला आदमी कहलाया. जोहन्सन एक बंधुआ दास के रूप में अमेरिका लाया गया जो 1620 में वर्जीनिया के बस्ती में भेज दिया गया गया. चूँकि वह अन्य दासों की तरह अपनी मरजी से गुलाम नहीं बना था और विरोध जताने के परिणाम-स्वरुप अंगोला कबीला जाति के द्वारा कैद कर लिया गया जिन्होंने उसको वर्जीनिया के एक तम्बाकू उत्पादक को बेच दिया.

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उन दिनों दासों की खरीद फरोख्त कॉन्ट्रैक बेस पर होती थी कॉन्ट्रैक्ट अनुसार दास निर्धारित समय तक अपने मालिकों की सेवा करते थे जिसके बाद उनको आज़ाद कर दिया जाता था और उनकी सेवा से खुश होकर मालिक उनको इनाम बतौर घर, जमीन या धन दिया करते थे. इसी तरह कॉन्ट्रैक्ट के हिसाब से कुछ सालों तक अंथोनी तम्बाकू उत्पादक की सेवा करता रहा और 15 साल के बाद कॉन्ट्रैक्ट समाप्त होने पर अंथोनी को कुछ ज़मीन इनाम के रूप में मिली .

1651 में अंथोनी 250 एकड़ ज़मीन का मालिक बन गया और साथ ही उसने एक ‘जॉन कैसर’ नाम के निग्रो व्यक्ति के अलावा 4 अँग्रेजी मूल के नागरिकों को 7 साल के लिए अपना बंधुआ दास बना लिया. सात साल पूरे होने पर जब अंथोनी ने उन सबको रिहा नहीं किया तो कैसर नाम के दास ने अंथोनी से उसको आज़ाद करने की प्रार्थना की लेकिन अंथोनी ने किसी भी कॉन्ट्रैक्ट के वजूद से इनकार करते हुए ज़िन्दगी भर के लिए कैसर को अपना दास रहने का आदेश दिया.

अन्थोनी के पडोसी जॉर्ज और रोबर्ट पार्कर ने भी अन्थोनी से ‘कैसर’ को उनको सुपुर्द करने कहा जब अन्थोनी ने ऐसा करने से इनकार किया तो वह दोनों उसको अवैध रूप परेशान करने लगे. मामला कोर्ट तक पहुँच गया और अंत में फैसला अन्थोनी के हक़ में हुआ जिसमे कैसर को ज़िन्दगी भर के लिए अन्थोनी की सम्पति घोषित कर दिया गया और 1655 में अपने परिवार के कहने पर अन्थोनी ने ‘कैसर’ को अपनी गुलामी से आज़ाद कर दिया, और ब्रिटिश इतिहास में अंगेजों को अपना दास बनाने वाला पहला व्यक्ति बना.

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