यूपी की दो जेलों में तीन दिनों में चार कैदियों की मौत

बरेली: उत्तर प्रदेश में 72 घंटों के भीतर यहां की दो जेलों में अलग-अलग मामलों के लिए सजा काट रहे चार कैदियों की मौत हो गई। जेल प्रशासन ने इस बात की जानकारी दी। अधिकारियों ने कहा कि मौतें ‘उम्र से संबंधित बीमारियों’ के कारण हुई हैं। चारों कैदियों के शवों का पोस्टमार्टम कराने के बाद उन्हें उनके परिजनों के हवाले कर दिया गया है।

कैदियों में से एक 74 वर्षीय रामचंद्र ने 2001 में पांच लोगों की हत्या कर दी थी, जिसके चलते वह सेंट्रल जेल में सजा काट रहा था। 8 फरवरी को उसकी हालत बिगड़ने के बाद उसे जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। जेलर ने डॉक्टरों के हवाले से कहा कि रामचंद्र की मौत हृदय संबंधित रोग के कारण हुई। इसी तरह 8 फरवरी को ही हत्या के मामले में सजा काट रहे 58 वर्षीय राम अवतार की जिला जेल में हालत बिगड़ गई, उसे जिला अस्पताल ले जाया गया। उसने भी इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।

इसी प्रकार आजीवन कारावास की सजा काट रहे अन्य कैदी 87 वर्षीय हरद्वारी की भी जिला अस्पताल में मौत हो गई। हाइपर टेंशन के कारण उसकी मौत हो गई। जिला जेल में चौथा कैदी 35 वर्षीय रजनीश ने सीने में दर्द की शिकायत की और कुछ समय बाद ही उसकी मौत हो गई। जिला मजिस्ट्रेट नीतीश कुमार और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) शैलेश कुमार पांडे ने स्थिति का जायजा लेने के लिए सेंट्रल और जिला जेलों का दौरा किया और साथ ही इस बात को सुनिश्चित किया कि कैदियों को जेल मैनुअल के तहत वे सभी सुविधाएं मिल रही हैं या नहीं, जिनके वे हकदार हैं।

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