यूपी में करवट लेती कांग्रेस की राजनीति

अखिलेश अखिल

खबर केवल यही नहीं है कि राहुल गाँधी और प्रियंका लखनऊ पहुँच रहे हैं और हवाई अड्डे से कांग्रेस दफ्तर तक बड़ा रोड शो होने वाला है। लगभग 12 किलोमीटर का लंबा रोड शो। जिस तरीके से सुबह से ही 12 किलोमीटर तक सड़क के दोनों किनारे बैनर -पोस्टर पाटे गए है और प्रियंका -राहुलगांधी को दर्शाया गया है ,शायद पहले कभी नहीं किया गया हो। प्रदेश के कोने कोने से लखनऊ पहुंचे लोगों में अचानक कांग्रेस के प्रति मोह क्यों पनप गया इसको लेकर भी विश्लेषक बहुत कुछ अध्ययन कर रहे हैं। और सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि क्या सपा -बसपा और बीजेपी में बंटे यूपी के लोग क्या अब फिर से कांग्रेस की जरूरत महशूस कर रहे हैं ? और अगर ऐसा ही है तो साफ़ है कि यूपी बदल रहा है। बदल रही है वहाँ की जनता और वहाँ का सियासी मिजाज। इस बदलाव में किस पार्टी को लाभ होगा और कौन सी पार्टी जमींदोज होंगी अभी कहना जल्दबाजी होगी लेकिन इतना साफ़ हो गया है कि कांग्रेस की यह नई युवा इकाई यूपी की पुरातन राजनीति में सेंध लगाने को तैयार है।

लखनऊ बोल रहा है। दस्तक दे रहा है नए बदलाव की। यूपी की यह दस्तक देश को प्रभावित करने वाला है। पिछले तीन दशक से जमींदोज हो चुकी कांग्रेस ज़िंदा होती प्रतीत हो रही है। पिछले चुनाव में यही यूपी बीजेपी को बहुत कुछ दिया था। केंद्र की सत्ता दी और यूपी का ताज भी। जनता ने कई दलों को साफ़ भी किया ,कांग्रेस दो सीटों पर थमगई तो बीएसपी साफ़ ही हो गई। सपा भी केवल अपनी लाज बचा पाई थी। फिर विधान सभा चुनाव आये तो जनता ने बीजेपी पर ही यकीन किया। योगी कुर्सी सम्हाले लेकिन केंद्र से लेकर योगी की सरकार यूपी की जनता को नहीं सम्हाल पाई। पांच साल गुजर गए जनता की हालत नहीं बदली लेकिन बीजेपी पुरे देश में पहुँच गई। यूपी के लोग अब पीएम मोदी के उन वादों को दोहरा रही है जो उन्होंने चुनाव के वक्त कसम खाकर जनता को कहा था। कहा था कि बीजेपी की सरकार बनते ही भारत पकिस्तान को सबक सिखाएगा ,करांची को भारत में मिलाएगा। कश्मीर की हालत बदलेगी और कश्मीरी पण्डित वापस आएंगे। मोदी ने कहा था धारा 370 और सामान्य नागरिक संहिता लागू की जायेगी। राम मंदिर सरकार बनते ही बनेगा और सबको रोजगार के साथ सबके हाथ में 15 लाख रुपए की पोटली थमा दी जायेगी। लेकिन हुआ कुछ नहीं। अब वही सवाल पूछने कांग्रेस लखनऊ पहुँच रही है। राहुल और प्रियंका के सवाल यही है।

मोदी से सवाल और केंद्र की सत्ता में दोबारा वापसी के लिए कांग्रेस ने तैयारियां शुरु कर दी है। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी आज लखनऊ में रोड शो करने जा रही हैं। जिससे पार्टी कार्यकर्ताओं में जोश भरा जा सके और विपक्षियों को पार्टी की ताकत का अहसास करा सके। बता दें कि कांग्रेस महासचिव बनने के बाद प्रियंका गांधी वाड्रा पहली बार लखनऊ आ रही हैं। उनके साथ पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी और पश्चिमी यूपी प्रभारी ज्योतिरादित्य सिंधिया भी होंगे. रोड शो के दौरान तीनों नेता जनता को संबोधित करेंगे। कांग्रेस के पूर्व सांसद प्रमोद तिवारी ने बताया कि रोड शो के दौरान कुछ जगह रुककर प्रियंका और उनके साथ राहुल समर्थकों को संबोधित करेंगे। बता दें कि प्रियंका और ज्योतिरादित्य 14 फरवरी तक लखनऊ में रुकेंगे। इस रुकने के पीछे की कहानी भी विपक्ष को खाये जा रही है। खबर के मुताविक इस दौरान प्रदेश के सभी यूनिवर्सिटी और कॉलेज के छात्र नेताओं से प्रियंका संवाद करना चाहती है। युवाओं से मिलना चाहती है और सबसे बड़ी बात कि अपने पुराने कोर वोट बैंक दलित समाज के नेताओं से मिलकर प्रदेश के दलित वोट को अपने हिस्से में करना चाहती है। अगर इस मुलाक़ात और बात में बैंक भी कांग्रेस के पक्ष में आता है तोडूसरी पार्टियों की राजनीति कम से कम बिगड़ जाएगी। और ऐसाहुआ तो पासा पलटते देर नहीं होगा। प्रियंका की अब पूरी राजनीति सामने वालों को ध्वस्त करने की है।

बता दें कि प्रियंका गांधी पहली बार कांग्रेस नेता के रूप में उत्तर प्रदेश आ रही हैं। पार्टी में अहम जिम्मेदारी मिलने के बाद प्रियंका गांधी पूरी तरह से चुनावी मूड में है और आगामी चार दिन लखनऊ में रहकर पार्टी कार्यकर्ताओं में जोश भरेंगी। इसके साथ ही प्रियंका गांधी और ज्योतिरादित्य सिंधिया अपनी जिम्मेदारी के हर लोकसभा क्षेत्र में 18 फरवरी से निकलेंगे। उनका ये अभियान 30-35 दिन तक चलेगा। और एक बात। प्रियंका -राहुल लखनऊ में अपनी ताकत दिखा रहे हैं जबकि आज पीएम मोदीऔर यूपी सीएम योगी नोएडा में एक सभा को सम्बोधित करेंगे। इस राजनीति को भी अलग तरीके से ही देखा जा रहा है।

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