यूपी में लॉकडाउन : सांसत में प्राइवेट स्कूलों कि जान, जानिये क्या है वजह

लखनऊ : लखनऊ, गाजियाबाद, वाराणसी, सीतापुर, ग्रेटर नोएडा समेत कुछ जिलों में तीन महीनों की फीस एडवांस में न लिए जाने के आदेश जारी हो चुके हैं। आदेश के मुताबिक अप्रैल, मई और जून की एडवांस फीस स्कूल अभी न लें। वहीं आपदा खत्म होने पर इन तीन महीनों की फीस को आने वाले महीनों में समायोजित किया जाए। ऐसे में इन स्कूलों के शिक्षकों ने आशंका जताई है कि यदि स्कूल फीस नहीं लेंगे तो उनका वेतन स्कूल कैसे देगा? लिहाजा सरकार ऐसे स्कूलों के लिए आपदा राहत कोष से शिक्षकों को राहत दे।

दूसरी ओर, आदर्श शिक्षामित्र वेलफेयर एसोसिएशन, कलावती ह्यूमन डेवलपमेंट सोसाइटी, यूपी अभिभावक संघ समेत कई संस्थाओं ने मुख्यमंत्री से प्रदेश स्तर पर आदेश जारी करने की मांग की है। साथ ही येह मांग भी की गयी है कि इस दौरान किसी भी विद्यार्थी का नाम स्कूल से इस आधार पर काटा नहीं जाए।

उधर, निजी स्कूलों के शिक्षकों को अपने वेतन न दिए जाने का भय सताने लगा है। वित्तविहीन महासभा के प्रदेश अध्यक्ष व एमएलसी उमेश द्विवेदी ने कहा है कि यूपी बोर्ड के लगभग 21 हजार स्कूल प्रदेश में हैं और इनमें से 70 फीसदी गांवों में हैं। प्रदेश में लगभग ढाई लाख शिक्षक हैं और लगभग 80 फीसदी गांवों के स्कूलों में हैं जिन्हें न तो मार्च का वेतन मिला है और आने वाले समय में वेतन न मिलने का डर सताने लगा है।

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