योगी का आदेश- राजस्व अधिकारी कर संग्रहण बढ़ायें

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को राजस्व अधिकारियों को राजस्व संग्रहण बढ़ाने के निर्देश दिये। राजस्व प्राप्तियों से जुड़े विभागों में सभी स्तरों पर सक्रियता लाने के लिए उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों को क्षेत्र निरीक्षण करने के निर्देश दिये हैं।प्रदेश के अपर मुख्य सचिव वाणिज्य कर प्रमुख सचिव आबकारी, प्रमुख सचिव स्टाम्प एवं रजिस्ट्रेशन, प्रमुख सचिव ऊर्जा सभी 18 मण्डलों के भ्रमण की व्यवस्था बनायें। इसके तहत, एक दिन में दो मण्डलों का भ्रमण कर विभागीय समीक्षा की जाए और हर स्तर पर अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए।

मुख्यमंत्री ने यह निर्देश यहां लोकभवन में आहूत कर-करेत्तर प्राप्तियों की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए दिये। उन्होंने कहा कि मण्डलीय समीक्षा का कार्यक्रम तय कर इसे 15 जनवरी 2020 तक प्रारम्भ कर दिया जाए। समीक्षा बैठक के दौरान जनपदीय अधिकारियों को साप्ताहिक लक्ष्य दिये जाएं एवं मुख्यालय स्तर पर साप्ताहिक समीक्षा की जाए। अपर मुख्य सचिव वित्त द्वारा प्रगति की माहवार समीक्षा की जाए और वह स्वयं भी निर्धारित लक्ष्यों की प्राप्ति की समय-समय पर समीक्षा करेंगे।मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी सम्बन्धित विभागों द्वारा कर प्राप्ति के लम्बित मामलों के निस्तारण की व्यवस्था हो। इसके लिए सम्यक विचारोपरान्त ‘‘वन टाइम सेटेलमेंट’ अथवा कोई अन्य उपयुक्त व्यवस्था तय की जाए, जिससे लम्बित मामलों के निस्तारण के साथ-साथ शासन को राजस्व प्राप्ति भी हो सके। श्री योगी ने कहा उत्तर प्रदेश एक बड़ा ‘‘उपभोक्ता राज्य‘‘ है। यहां राजस्व संग्रह की अपार सम्भावनाएं हैं।

जीएसटी में व्यापारियों का पंजीकरण बढ़ाने के लिए उन्हें पंजीकरण के फायदों की जानकारी दी जानी चाहिए। पंजीकृत व्यापारी को मिलने वाले 10 लाख रुपये के बीमे की भी जानकारी दी जानी चाहिए। श्री योगी ने कहा कि राजस्व प्राप्तियों से सम्बन्धित सभी विभागों में राजस्व संग्रह की मौजूदा व्यवस्था में सक्रियता लाकर राजस्व बढ़ाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि आबकारी विभाग राजस्व संग्रह बढ़ाने के आवश्यक उपाय करे, जिससे लक्ष्य के अनुरूप वृद्धि प्राप्त की जा सके।

विभाग में ट्रैक एवं ट्रेस पण्राली लागू की जाए क्योंकि राजस्व संग्रह बढ़ाने में यह पण्राली उपयोगी साबित होगी। स्टाम्प एवं रजिस्ट्रेशन की समीक्षा करते हुए उन्होंने लम्बित मामलों के निस्तारण तथा बिना रजिस्ट्री के कब्जा प्रदान करने के मामलों में कार्रवाई के निर्देश दिये। उन्होंने परिवहन विभाग में डग्गामार वाहनों के संचालन पर प्रभावी अंकुश लगाने तथा बिना रजिस्ट्रेशन वाहनों के संचालन को रोकने के निर्देश देते हुए परमिट व्यवस्था को तर्कसंगत बनाये जाने पर जोर दिया। उन्होंने भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग में खदानों की नीलामी में तेजी लाने और ओवर लोडिंग रोकने के निर्देश भी दिये।

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