यौन शोषण के आरोपी स्वामी चिन्मयानंद ने कबूला जुर्म, कहा-अपने किए पर शर्मिंदा हूं

शाहजहांपुर: लॉ की छात्रा से रेप के आरोपी पूर्व गृह राज्यमंत्री स्वामी चिन्मयानंद को एसआईटी और यूपी पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। एसआईटी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि पूछताछ में स्वामी चिन्मानंद ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। जुर्म कबूल करने के बाद स्वामी ने कहा कि वह अपने किए पर शर्मिंदा हैं। इसके साथ ही पीड़िता भी जांच के दायरे में है। पूछताछ में छात्रा ने कबूला कि उसकी और युवकों की बात होती थी। एसआईटी के अनुसार, स्वामी और छात्रा के बीच करीब 200 बार बातचीत हुई।

एसआईटी ने बताया कि स्वामी चिन्मयानंद ने मोबाइल का डेटा डिलीट कर दिया था। चेक इन करते हुए सीसीटीवी फुटेज बरामद हुए हैं। वीडियो के आधार पर स्वामी की गिरफ्तारी हुई है। एक-दो जगह की फुटेज आना तय है। हमारे पास पर्याप्त सबूत हैं। यही नहीं, स्वामी चिन्मयानंद ने मसाज कराने की बात स्वीकार की है। इधर चिन्मयानंद से फिरौती मांगने के मामले में छात्रा के आरोपी दोस्त संजय सिंह व उसके दो अन्य दोस्तों को भी गिरफ्तार कर लिया गया है। जिला अस्पताल में सभी के मेडिकल टेस्ट करवाया जा रहा है, जिसके बाद उन्हें कोर्ट में पेश किया जाएगा। आरोपी छात्रों ने भी अपना जुर्म कबूल कर लिया है। छात्रों ने 5 करोड़ रुपये बाबा से मांगने की बात स्वीकार की है।

एसआईटी ने दोनों पक्ष की पेन ड्राइव देखी है। फॉरेंसिक रिपोर्ट और डिटिटली वेरिफाई करने का इंतजार है। स्वामी चिन्मयानंद ने इसके बाद कहा कि मैं अपनी गलती पर शर्मिंदा हूं, आपने देख लिया, मुझे कुछ नहीं कहना है। इससे पहले एसआईटी की टीम स्वामी चिन्मयानंद को सुबह ट्रामा सेंटर ले गई थी। ट्रामा सेंटर में स्वामी को दिखाने के बाद गिरफ्तार कर लिया गया। उन्हें कोर्ट में पेश किया गया। स्थानीय अदालत ने स्वामी चिन्मयानंद के खिलाफ धारा 376 सी, 354डी, 342, और 506 के तहत केस दर्ज कर 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।

इससे पहले, गुरुवार देर रात स्वामी चिन्मयानंद की देर रात एक बार फिर से तबीयत बिगड़ गई। इस पर स्वामी को बाहर ले जाने के लिए एंबुलेंस बुलाई गई, वहीं, जानकारी मिलते ही एसआईटी टीम आश्रम पहुंच गई और कागजात मांगे, लेकिन कागजात न दिखा पाने पर एसआईटी ने उन्हें बाहर जाने से रोक दिया। बता दें कि स्वामी चिन्मयानंद की तबीयत गुरुवार दोपहर तक ठीक नहीं रही। डॉक्टरों ने हार्ट में दिक्कत के कारण केजीएमसी लखनऊ ले जाने की सलाह दी लेकिन शाम पौने पांच उन्होंने खुद की हालत में सुधार बताया और आयुर्वेदिक इलाज की बात कहकर अपने सेवादार के साथ आश्रम लौट आए।

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